तस्वीर में शिरपुर तालुका में खेतों में खड़े किसान और पदाधिकारी नजर आ रहे हैं।   

धुले जिले के शिरपुर तालुका में इस वर्ष के पर्जन्यमान यानी बारिश के प्रशासनिक आंकड़ों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के जिलाध्यक्ष जितेंद्र मराठे और अन्य पदाधिकारियों ने शनिवार को तालुका के कई गांवों का दौरा कर किसानों के खेतों और बांधों का जायजा लिया। किसानों ने इस दौरान तालुका में बारिश काफी कम होने की बात कही।

किसानों से मिली जानकारी के आधार पर जितेंद्र मराठे और अन्य पदाधिकारियों ने किसानों के खेतों और बांधों पर जाकर स्थिति का निरीक्षण किया। शिरपुर तालुका के मुखेड स्थित पाझर तालाब का भी निरीक्षण किया गया, जहां महज 15 प्रतिशत पानी जमा होने की बात सामने आई। पदाधिकारियों के अनुसार, मौके पर दिखाई दे रही स्थिति और प्रशासन की ओर से जारी पर्जन्यमान के आंकड़ों में अंतर नजर आ रहा है।

पदाधिकारियों ने कहा कि धुले जिले के शिरपुर तालुका में इस वर्ष के पावसाळे के दौरान प्रशासन की ओर से पर्जन्यमान के आंकड़े जारी किए गए हैं। उनका दावा है कि यह आंकड़े दिशाभूल करने वाले और गलत हैं। उनके अनुसार, इस वर्ष तालुका में कुल बारिश काफी कम हुई है, जबकि तालुका प्रशासन की ओर से अलग आंकड़े जारी किए गए हैं।

जितेंद्र मराठे और अन्य पदाधिकारियों का कहना है कि बारिश के वास्तविक आंकड़ों और प्रशासनिक आंकड़ों में अंतर होने की स्थिति में किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन प्रत्येक गांव की वास्तविक स्थिति पर आधारित रिपोर्ट तैयार करे और उसी के अनुसार अलग-अलग गांवों में निर्धारित मानदंडों के आधार पर किसानों को न्याय दिलाया जाए।

इस दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष सयाजीराव ठाकरे, राष्ट्रवादी कांग्रेस किसान सभा के जिलाध्यक्ष गुलाबराव पाटील, शिरपुर के तालुकाध्यक्ष व्यंकटेश पाटील, विधानसभा क्षेत्रप्रमुख दिलीप भाईदास पाटील, विद्यार्थी आघाड़ी के जिलाध्यक्ष गौरव पाटील, शिंदखेडा तालुका कार्याध्यक्ष देविदास मोरे, मोहन कोळी, रब्बा रोहीला पावरा, एडवोकेट रोहित पाटोळे, राजेंद्र पाटील, ज्ञानेश्वर पाटील, नथू पाटील, जगदीश चतुर पाटील, चन्या ढेकल्या पावरा, मुखेड, सुपडू लुका पवार, प्रताप धनगर, भगवान पाटील, भिका पाटील, पंडित पाटील, अमोल पाटील, सुमित वाणी, सुभाष पाटील, आधार पाटील, राकेश पाटील, किशोर पाटील, राजेंद्र खंडू पाटील और किशोर प्रताप समीर सहित सभी किसान भाई उपस्थित थे।

पदाधिकारियों की मांग है कि शिरपुर तालुका में बारिश की स्थिति का आकलन केवल प्रशासनिक आंकड़ों के आधार पर नहीं, बल्कि प्रत्येक गांव की वास्तविक स्थिति के आधार पर किया जाए, ताकि किसानों को निर्धारित मानदंडों के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

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