शाहू महाराजों की कला परंपरा को स्व. विक्रमसिंह घाटगे ने कार्यों से बढ़ाया आगे
सेनापति कापशी में स्व. राजे विक्रमसिंहजी घाटगे की 78वीं जयंती पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में एक हजार से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। अमरसिंह घोरपडे ने कला संवर्धन और विद्यार्थियों के मंच पर विचार रखे।
तस्वीर में सेनापति कापशी में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर मंच पर उपस्थित अतिथिगण नजर आ रहे हैं।
कोल्हापुर के सेनापति कापशी में स्व. राजे विक्रमसिंहजी घाटगे की 78वीं जयंती के अवसर पर आयोजित भव्य चित्रकला प्रतियोगिता में हजारों विद्यार्थियों ने रंगों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस दौरान श्री छत्रपति शाहू सहकारी चीनी कारखाने के उपाध्यक्ष अमरसिंह घोरपडे ने कहा कि छत्रपति शाहू महाराज द्वारा कला, साहित्य और संस्कृति को दिया गया राजाश्रय स्व. राजे विक्रमसिंहजी घाटगे ने सहकार आंदोलन के माध्यम से कार्यों में आगे बढ़ाया।
न्यायमूर्ति रानडे विद्यालय, सेनापति कापशी में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में अध्यक्ष पद से बोलते हुए अमरसिंह घोरपडे ने कहा कि विद्यार्थियों में छिपी कला प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई यह प्रतियोगिता शाहू चीनी कारखाने की अध्यक्षा श्रीमती सुहासिनीदेवी घाटगे और शाहू ग्रुप के अध्यक्ष राजे समरजितसिंह घाटगे के मार्गदर्शन में आज ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी मंच बन गई है।
शाहू उद्योग समूह के संस्थापक स्व. राजे विक्रमसिंहजी घाटगे की 78वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस प्रतियोगिता में क्षेत्र के एक हजार से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने रंगों के माध्यम से अपनी कल्पनाशक्ति को अभिव्यक्त करते हुए आकर्षक चित्र बनाए।
श्री छत्रपति शाहू सहकारी चीनी कारखाना प्रणीत श्री छत्रपति शाहू कला, क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक मंडल, कागल के संयुक्त तत्वावधान में इस चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था।
अमरसिंह घोरपडे ने कहा कि विद्यार्थियों की सृजनात्मकता को बढ़ावा देने, उनकी कला प्रतिभाओं को उचित मंच उपलब्ध कराने और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने के उद्देश्य से वर्ष 2002 में स्व. राजे विक्रमसिंहजी घाटगे के 55वें जन्मदिवस के अवसर पर इस उपक्रम की शुरुआत की गई थी। लगातार 25 वर्षों की सफल परंपरा वाली यह प्रतियोगिता वर्तमान में कागल, मुरगूड, सेनापति कापशी और करवीर तालुका के कणेरी इन चार केंद्रों पर आयोजित की जा रही है और ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रभावी कला मंच साबित हो रही है।
प्रतियोगिता से पहले लोकराजा राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज की प्रतिमा और स्व. राजे विक्रमसिंहजी घाटगे के चित्र का पूजन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया।
इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य शिवानी भोसले, जे बैंक के उपाध्यक्ष रविंद्र घोरपडे, निदेशक संजय चौगुले, शाहू कृषि के निदेशक राजेंद्र नुल्ले, तानाजी पाटील, सुरेश पाटील, रंगराव मेतके, दिलीप तिप्पे, सागर मोहिते, संजय बरकाळे, दीपक कुरणे सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का स्वागत पूर्व उपसरपंच तुकाराम भारमल ने किया। संचालन सुधाकर वारुसे ने किया, जबकि शाहू कृषि के निदेशक जगदीश मोरे ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
सेनापति कापशी में आयोजित यह चित्रकला प्रतियोगिता स्व. राजे विक्रमसिंहजी घाटगे की कला संवर्धन की सोच और ग्रामीण विद्यार्थियों को रचनात्मक मंच उपलब्ध कराने की 25 वर्षों से चली आ रही परंपरा को दर्शाती है।