सरदार पटेल जयंती पर समुद्रपुर में एकता दौड़ का आयोजन, पुलिस और विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर समुद्रपुर में पुलिस स्टेशन और विद्या विकास महाविद्यालय ने संयुक्त रूप से एकता दौड़ आयोजित की। इसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों, पुलिसकर्मियों और विभिन्न गांवों के पुलिस पाटिलों ने भाग लेकर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
समुद्रपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना और पुलिस प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एकता दौड़ के समापन अवसर पर उपस्थित छात्र, शिक्षक और पुलिस अधिकारी।
महाराष्ट्र के समुद्रपुर में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश देने के लिए एकता दौड़ का आयोजन किया गया। विद्या विकास कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय, समुद्रपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना विभाग और समुद्रपुर पुलिस थाने के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों और पुलिस पाटिलों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
एकता दौड़ समुद्रपुर के प्रमुख मार्गों से होते हुए निकाली गई। इसका समापन महाविद्यालय परिसर में हुआ। दौड़ के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव, देशभक्ति और भाईचारे का संदेश दिया गया। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की सामूहिक भागीदारी ने समाज में एकता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।
समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्या विकास कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य मेघश्याम ढाकरे ने की। समुद्रपुर पुलिस थाने के थानाधिकारी दीपक वानखेडे, पुलिस उपनिरीक्षक चेतन टेम्भूरने, मोहतुरे साहेब और आवारे साहेब प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान महाविद्यालय की आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. शिल्पा समदुरकर, राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रकाश तळे, डॉ. स्वाती येवतकर, डॉ. नितेश शंभरकर और प्रा. महेश चिव्हाणे की प्रमुख उपस्थिति रही।
मुख्य अतिथि थानाधिकारी दीपक वानखेडे ने सामाजिक शांति, कानून का पालन और नागरिकों के बीच आपसी सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से देश की एकता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य मेघश्याम ढाकरे ने कहा कि राष्ट्रीय एकता देश की प्रगति का मजबूत आधार है। भारत की विभिन्न भाषाओं, धर्मों, जातियों और संस्कृतियों को एक सूत्र में बांधकर रखने वाली एकता की भावना को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से सरदार वल्लभभाई पटेल के विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने की बात कही।
डॉ. स्वाती येवतकर, डॉ. नितेश शंभरकर और प्रा. महेश चिव्हाणे ने भी अपने संबोधनों में राष्ट्रीय एकता, युवाओं की सामाजिक जिम्मेदारी, देशप्रेम और समाज में आपसी सद्भाव के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रकाश तळे ने उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
एकता दौड़ में महाविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों के साथ पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों तथा समुद्रपुर तहसील के विभिन्न गांवों के पुलिस पाटिलों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस सहभागिता से पुलिस प्रशासन और शैक्षणिक संस्थानों के बीच समन्वय का महत्व सामने आया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय एकता का संदेश समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता भी व्यक्त की गई।
कार्यक्रम की सफलता के लिए शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक समिति के समन्वयक डॉ. नितीन अखुज, डॉ. राजकुमार रामटेके, प्रा. सदानंद सार्वे, डॉ. शीतल अवघडे, प्रा. डिंपल हजारे, राष्ट्रीय सेवा योजना कनिष्ठ विभाग के कार्यक्रम अधिकारी प्रा. मनोज बावणे, प्रा. सतीश बेले, प्रा. घनश्याम कदमधाड, प्रा. सीमा तडस, प्रा. दिपाली कोंडमारे, प्रा. राहुल पवार तथा मुकेश हुलके, प्रवीण तेलतुंबडे, हर्षल उमरे, संजीव पवार, मयुर गिरोले, निखिल जाधव सहित कर्मचारियों और महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने सहयोग किया।