दिवाली पर अनाथ एवं दिव्यांग बच्चों को मिला उपहार, फराळ और नए कपड़े पाकर खिले चेहरे
महाराष्ट्र के शिरपुर तहसील के वाघाडी स्थित अनाथ एवं आवासीय बौद्धिक दिव्यांग बच्चों की कार्यशाला में दिवाली पर वरिष्ठ नागरिकों ने फराळ बांटा। महावितरण के संदीप पवार की ओर से बच्चों को नए कपड़े भेंट किए गए।
महाराष्ट्र के धुले जिले के शिरपुर तहसील के वाघाडी स्थित बौद्धिक दिव्यांग बच्चों की कार्यशाला में दिवाली के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उपस्थित बच्चे और अतिथि।
महाराष्ट्र के धुले जिले के शिरपुर तहसील के वाघाडी स्थित अनाथ एवं आवासीय बौद्धिक दिव्यांग बच्चों की कार्यशाला में दिवाली के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान वरिष्ठ नागरिकों के हाथों विद्यार्थियों को दिवाली का फराळ वितरित किया गया, जबकि महावितरण के उपकार्यकारी अभियंता संदीप पवार की ओर से बच्चों को नए कपड़े भेंट किए गए।
यह कार्यक्रम कै. बापूसो एन. जेड. मराठे विधायक संस्था, थालनेर द्वारा संचालित अनाथ एवं आवासीय बौद्धिक दिव्यांग बच्चों की कार्यशाला, वाघाडी (तहसील शिरपुर) में आयोजित किया गया। दिवाली को आनंद, उत्साह, प्रेम, अपनत्व और मानवीय संवेदनाओं का पर्व मानते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग तक त्योहार की खुशियां पहुंचाने के उद्देश्य से यह विशेष पहल की गई।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों के शुभ हाथों से विद्यार्थियों को दिवाली का पारंपरिक फराळ वितरित किया गया। इसके साथ ही महावितरण (MSEDCL), शिरपुर के उपकार्यकारी अभियंता श्री संदीप पवार की ओर से विद्यार्थियों को नए कपड़े (ड्रेस) भेंट किए गए। फराळ और नए कपड़े मिलने से विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी।
इस अवसर पर संस्था की ओर से उपस्थित सभी वरिष्ठ नागरिकों और गणमान्य अतिथियों का शॉल, श्रीफल और पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया गया। अतिथियों ने संस्था की ओर से किए जा रहे सामाजिक कार्यों की विशेष सराहना की।
संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्री भगवानजी तलवारे के मार्गदर्शन में कार्यशाला में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ त्योहारों और उत्सवों के माध्यम से आनंद, अपनत्व, सामाजिक जिम्मेदारी तथा मानवीय मूल्यों का एहसास कराना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।
दिवाली के प्रकाश पर्व पर बच्चों के चेहरों पर खुशियां लाने वाला यह कार्यक्रम उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस दौरान समाज के दानदाताओं, वरिष्ठ नागरिकों और गणमान्य व्यक्तियों से ऐसे सामाजिक कार्यों में सहयोग करने की भावना भी व्यक्त की गई। कार्यक्रम के आयोजन में मुख्याध्यापक, कार्यशाला समन्वयक तथा शिक्षक एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।