वर्धा में पीएम किसान सम्मान निधि की शिकायतों पर कार्रवाई न होने से नाराज जिला सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर जल्द कदम उठाने की मांग की।   

समुद्रपुर। वर्धा जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को लेकर किसानों की शिकायतों पर जिला प्रशासन के निर्देश के बावजूद कृषि विभाग की ओर से अब तक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है। जिलाधिकारी के आदेश और निर्धारित समयसीमा के बाद भी कार्रवाई पूरी नहीं होने से जिला सरपंच संघ ने नाराजगी जताई है। संघ ने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान नहीं होने पर आने वाले दिनों में पूरे जिले में आंदोलन किया जाएगा।

वर्धा जिले को किसानों की आत्महत्या से प्रभावित जिले के रूप में जाना जाता है। यहां किसानों की आर्थिक स्थिति पहले से ही कठिन है। किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की है, लेकिन जिले में बड़ी संख्या में किसानों को इस योजना की राशि नहीं मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इस मामले में कृषि विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

इस संबंध में जिला सरपंच संघ ने जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र राऊत के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी राजू रणवीर को ज्ञापन सौंपा था। किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित कृषि विभाग को तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद रिपोर्ट नहीं मिलने से सरपंच संघ को अब तक इंतजार करना पड़ रहा है।

सरपंच संघ के अनुसार, वर्धा जिले के किसानों ने पीएम किसान सम्मान निधि की राशि नहीं मिलने को लेकर लगातार शिकायतें की थीं, लेकिन जिला कृषि विभाग के अधिकारियों ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसी बीच सरपंचों के स्थान पर प्रशासकों की नियुक्ति के कारण दो वर्षों से ग्रामसभाएं नहीं हो पाई थीं। इसके बाद 15 अगस्त को ग्रामसभाओं का आयोजन हुआ, जिनमें किसानों ने पीएम किसान निधि नहीं मिलने की शिकायतें उठाईं। इन शिकायतों को जिला सरपंच संघ ने जिलाधिकारी के समक्ष रखा। इसके बाद जिलाधिकारी ने तत्काल बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।

इसी क्रम में 16 सितंबर को जिलाधिकारी कार्यालय, वर्धा में जिला कृषि विभाग, निवासी जिलाधिकारी वर्धा और जिला सरपंच संघ की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में तय किया गया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में कृषि सहायकों की ओर से बैठकें आयोजित की जाएंगी और 10 अक्टूबर तक पूरी कार्रवाई कर उसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत की जाएगी।

हालांकि, जिला कृषि अधीक्षक की ओर से अब तक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है। संघ का कहना है कि दिवाली से पहले पीएम किसान सम्मान निधि की राशि किसानों के खातों में जमा हो चुकी है। यदि कृषि विभाग ने निर्धारित समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत कर कार्रवाई पूरी की होती, तो आज जिले के किसानों को भी किसान सम्मान निधि का लाभ मिल सकता था।

सरपंच संघ ने कहा कि किसान सम्मान निधि किसानों को शासन की ओर से दिया गया अधिकार है, लेकिन संबंधित अधिकारी इस मामले में न तो कोई स्पष्ट जवाब दे रहे हैं और न ही आवश्यक कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं।

इस मामले में निवासी जिलाधिकारी वर्धा से संपर्क करने पर उन्होंने प्रकरण की समीक्षा करने की बात कही थी। वहीं, जिला सरपंच संघ ने 13 अक्टूबर को निवासी जिलाधिकारी वर्धा को पत्र देकर इस संबंध में जानकारी मांगी थी, लेकिन अब तक उस पत्र का भी कोई जवाब नहीं मिला है।

लगातार देरी और अधिकारियों की ओर से जवाब नहीं मिलने के कारण जिला सरपंच संघ ने अब जिलेभर में आंदोलन करने की तैयारी की चेतावनी दी है। संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र राऊत, जिला प्रसिद्धि प्रमुख विलास नवघरे, जिला उपाध्यक्ष मुरलीधर चौधरी, जिला उपाध्यक्ष राजेश सावरकर, वर्धा तालुका अध्यक्ष कीर्ति सवाई, जगदीश संचारीया, बालुभाऊ बोके, जगदीश वळतकर, उत्तमराव घुमडे, ज्योति घंगारे, दामिनी डेकाटे सहित संघ के पदाधिकारियों ने संबंधित विभाग से इस मामले में तत्काल ध्यान देकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

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