राजे विक्रमसिंह घाटगे जयंती पर पुरस्कारों की घोषणा, 69 शिक्षक समेत जीवनगौरव सम्मानितों के नाम घोषित
कोल्हापुर में राजे विक्रमसिंह घाटगे की 78वीं जयंती पर 69 शिक्षकों, जीवनगौरव सम्मानितों, आंगनवाड़ी सेविकाओं और महिला बचत समूहों के पुरस्कार घोषित।
तस्वीर में नवोदितादेवी घाटगे कार्यक्रम के दौरान उपस्थित दिखाई दे रही हैं। उनके साथ मंच पर अन्य पदाधिकारी भी मौजूद हैं।
शाहू उद्योग समूह के संस्थापक सहकार महर्षि राजे विक्रमसिंह घाटगे की 78वीं जयंती के अवसर पर उनके नाम से दिए जाने वाले विभिन्न पुरस्कारों की घोषणा राजे बैंक की अध्यक्षा सौ. नवोदितादेवी घाटगे ने की है। इस अवसर पर शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी, आंगनवाड़ी सेविकाओं, आशा स्वयंसेविकाओं तथा महिला बचत समूहों का सम्मान किया जाएगा।
जीवनगौरव पुरस्कार के लिए सुधीरचंद्र गंदूगडे (हमिदवाडा), रामगोंडा खोत (सुळकुड), कृष्णात कांबळे (सिद्धनेर्ली), दिनकर वाडकर (व्हन्नाळी), प्रकाश मगदूम (एकोंडी), कृष्णात बारड (बेलवळे खुर्द), प्रकाश चौगुले (कागल), सुधाकर वारुषे (कापशी), शंकरराव गुरव (कागल), विलास पाटील (लिंगनूर दुमाला) तथा धुळप्पाश खंदारे (सुरूपली) के नाम घोषित किए गए हैं।
इन पुरस्कारों का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में आदर्श कार्य करने वाले तथा सामाजिक प्रतिबद्धता, सेवा और समर्पण की भावना से कार्यरत शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी, आंगनवाड़ी सेविका, आशा स्वयंसेविका और महिला बचत समूहों का सम्मान करना है।
यह उपक्रम राजे विक्रमसिंह घाटगे फाउंडेशन और राजमाता जिजाऊ महिला समिति के संयुक्त तत्वावधान में शाहू ग्रुप की मार्गदर्शिका एवं शाहू शुगर फैक्ट्री की अध्यक्षा श्रीमती सुहासिनीदेवी घाटगे के मार्गदर्शन तथा शाहू ग्रुप के अध्यक्ष राजे समरजितसिंह घाटगे की संकल्पना के तहत शुरू किया गया है।
इस वर्ष कागल, करवीर, आजरा और गडहिंग्लज तालुकों के कुल 69 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें प्राथमिक विभाग के 33, माध्यमिक विभाग के 36 तथा जीवनगौरव पुरस्कार के लिए 11 सम्मानित शामिल हैं। इसके अलावा 27 आंगनवाड़ी सेविकाओं, 24 आशा स्वयंसेविकाओं और 26 महिला बचत समूहों का भी सम्मान किया जाएगा।
पुरस्कार के स्वरूप में सम्मानचिह्न, मानपत्र और कोल्हापुरी फेटा प्रदान किया जाएगा। शिक्षकों का सम्मान उनके पति या पत्नी के साथ समारोहपूर्वक किया जाएगा। पुरस्कार वितरण समारोह की तिथि और स्थान शीघ्र निर्धारित किए जाएंगे तथा इसकी जानकारी पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को अलग से दी जाएगी।
प्राथमिक विभाग में सम्मानित होने वाले शिक्षकों में राजाराम डोंगळे (मुख्याध्यापक, शेंडूर), जयसिंग पाटील (मुख्याध्यापक, कोनवडे), स्वप्निल सांगले (सुळकूड), अरुणा घराळ (सिद्धनेर्ली), स्नेहलता मोरे (सोनाळी), प्रियांका फराकटे (फराकटेवाडी), रामदास पाटील (पिराचीवाडी), तानाजी तिकोडे (बेलवळे खुर्द), जयवंत बलुगडे (बोरवडे), कृष्णात पाटील (कुरुकली), सचिन पाटील (कौलगे), महादेव काटकर (चिखली), श्रीकांत कुंभार (अर्जुनवाडा), जयप्रकाश कांबळे (तमनाकवाडा), करसिद्ध अनुसे (बेलेवाडी का), सदाशिव दिवटणकर (वडगाव कापशी), आबुसो शेरेकर (करंबळी), संतोष कानडे (बेळगुंदी), विजयकुमार शिंदे (ऐनापुर), सोनल जाधव (गिजवणे), सुवर्णा पवार (मडिलगे), शिवाजी मोरे (चिमणे), सुरेखा घाटगे (मुमेवाडी), दिलीपकुमार कांबळे (होन्याळी), मनीषा चौगुले (कागल), कांचन देसाई (कागल), शोभा हेरेकर (उत्तुर), स्वाती गुरव (गडहिंग्लज), धनाजी पाटील (जैताळ), राजू कांबळे (कळंबा), दीपक वारंगे (पाचगाव), संयोगिता महाजन (चिंचवाड) तथा संग्राम कोपार्डेकर (कागल) शामिल हैं।
माध्यमिक विभाग में शांताराम खांबे (मुख्याध्यापक, बिद्री), दिपाली देसाई (मौजे सांगाव), बाबासाहेब मायनवर (मौजे सांगाव), वैशाली मिरजे (कसबा सांगाव), दत्तात्रय मालवेकर (सावर्डे खुर्द), अर्जुन तळेकर (केनवडे), ए.डी. चौगुले (म्हाकवे), चंद्रकांत गुरव (एकोंडी), सुभाष पाटील (कुरणी), दत्तात्रय पाटील (कुरणी), बाळासाहेब बोडके (उंदरवाडी), गजानन पाटील (भडगांव), सुनील पोवार (करंजिवणे), मारुती टिपुगडे (करड्याळ), कृष्णात पाटील (मुगळी), युवराज साळोखे (ठाणेवाडी), विलास परीट (माद्याळ), सारिका बटकडली (कडगाव), प्रभावती मुगळी (लिंगनूर कसबा नूल), संतोष कांबळे (बेकनाळ), अर्चना पाटील (इंचनाळ), महादेव पाटील (सोहाळे), किरण चव्हाण (पांगिरे), अशोक लोहार (मुख्याध्यापक, धामणे), सदाशिव दिवेकर (भादवण), उज्वला घायतडक (कागल), अश्विनी गोरुले (मुरगुड), संभाजी तिबिले (उत्तूर), विजयकुमार शेडगे (गडहिंग्लज), माधुरी पोवार (गडहिंग्लज), श्रीमती विद्या नेर्लेकर (सांगवडेवाडी), सचिन पाटील (दत्तनगर, ता-शिरोळ), अतुल कुंभार (नंदगाव), लता पाटील (गोकुळ शिरगाव), सविता पाटील (द-याचे वडगांव) तथा शिवाजी पोवार (सिद्धनेर्ली) शामिल हैं।
आंगनवाड़ी सेविकाओं के लिए घोषित सम्मान में संगीता पोवार (पिंपळगाव खुर्द), कांचन कुलकर्णी (करनूर), अलका देवमाने (रणदिवेवाडी), नंदा पार्वते (सुळकूड), अर्चना बाबर (बामणी), बाळाबाई तळेकर (केनवडे), गीता शिंत्रे (आनुर), अनिता पवार (भडगांव), सुनिता सावंत (बेलवळे खुर्द), शशिकला पोवार (बाचणी), विद्या जोंधळे (निढोरी), लताताई कोरे (बाळीक्रे), कमल तिप्पे (तमनाकवाडा), सविता काटे (कासारी), वनिता गुरव (अलाबाद), शांताबाई दळवी (बड्याचीवाडी), वंदना सलपे (करंबळी), जयश्री गोडसे (आत्याळ), संगीता कोंडूस्कर (सोहाळे), आशा शिंदे (चिमणे), अंजना कांबळे (धामणे), सुप्रिया जोशी (कागल), नंदिनी माळी (मुरगुड), यास्मिन नाईकवाडे (उत्तूर), सरोजिनी येसादे (उत्तुर), आक्काताई पाटील (कणेरी), अनिता पाटील (नागांव), माधुरी जाधव (लिंगनूर दूमाला), सुगंधा मोटे (सुळकूड), सुजाता मगदूम (सिद्धनेर्ली), माधुरी गोडसे (गोरंबे), सुनिता पाटील (म्हाकवे), सुवर्णा माने (पिंपळगाव बुद्रुक), यशोदा गायकवाड (बिद्री), सरिता मस्कर (उंदरवाडी), ललिता भागवत (केंबळी), लक्ष्मी शिंत्रे (चिखली), साधना खराडे (शिंदेवाडी), शोभा ढेंगे (नंद्याळ), स्वाती कुराडे (कापशी), गीता बोटे (हसुर बुद्रुक), विजयमाला मोरे (वडरगे), विद्या बागडी (कौलगे), रूपाली गुरव (होन्याळी), उमा भाटले (होन्याळी), शितल मगदूम (धामणे), आशा सुतार (भादवण), रेशमा कुंभार (उत्तुर), शितल मगदूम (उत्तुर), सीमा कांबळे (हलसवडे) तथा छाया तिरुके (दिंडनेर्ली) शामिल हैं।
आदर्श बचत समूहों में जिजामाता करनूर, श्री गणेश सुळकुड, ज्वालामालिनी कसबा सांगाव, आदर्श लिंगनूर दूमाला, शिवशक्ती व्हन्नूर, परी व्हनाळी, भवानी माता बानगे, शिवशक्ती व्हन्नुर, जिजामाता महिला बचत गट पिंपळगांव खुर्द, भारतमाता स्वयं सोनाळी, वीरभद्र बाचणी, सहेली पिराचीवाडी, जयमल्हार सहाय्यता निढोरी, सिद्धिविनायक स्वंयसहाय्यता महिला समूह चिखली, स्वयंरोजगार महिला स्वंयसहाय्यता बेनिक्रे, ज्ञानेश्वरी स्वंयसहाय्यता महिला बेलेवाडी मासा, दुर्गा माता करड्याळ, अंबाबाई हुडावाडी माद्याळ, सावित्रीबाई फुले वडगाव, अन्नपूर्णा शिप्पुर तर्फे आजरा, हरिओम हिरलगे, ओम चेतन मडिलगे, नवनाथ स्वंयसहाय्यता महिला मुरगुड, अलिशान गडहिंग्लज, वैभवलक्ष्मी स्वंयसहाय्यता महिला कणेरीवाडी तथा भरारी महिला बचत गट नेर्ली का समावेश है।
राजे विक्रमसिंह घाटगे की जयंती पर घोषित इन पुरस्कारों के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सेवा, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक योगदान देने वाले विभिन्न क्षेत्रों के सम्मानित व्यक्तियों और समूहों को सार्वजनिक रूप से गौरवान्वित किया जाएगा।