21 अगस्त तक सार्वजनिक पुस्तकालय जमा करें प्रस्ताव, राजा राममोहन रॉय प्रतिष्ठान की 2026-27 योजनाओं से मिलेगा आर्थिक सहयोग

राजा राममोहन रॉय ग्रंथालय प्रतिष्ठान, कोलकाता ने वर्ष 2026-27 के लिए शासनमान्य सार्वजनिक पुस्तकालयों हेतु विभिन्न आर्थिक सहायता योजनाएं शुरू की हैं। भवन निर्माण से लेकर आधुनिकीकरण तक कई योजनाओं का लाभ लेने के लिए 21 अगस्त 2026 तक प्रस्ताव जमा करना अनिवार्य है।

Update: 2026-07-24 05:49 GMT

भारत सरकार के सांस्कृतिक कार्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत राजा राममोहन रॉय ग्रंथालय प्रतिष्ठान, कोलकाता द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए समान निधि (Matching Scheme) और असमान निधि (Non-Matching Scheme) योजनाओं के माध्यम से शासनमान्य सार्वजनिक पुस्तकालयों के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न आर्थिक सहायता योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए राज्य के शासनमान्य सार्वजनिक पुस्तकालयों को निर्धारित प्रारूप में अपने प्रस्ताव 21 अगस्त 2026 तक संबंधित जिला ग्रंथालय अधिकारी कार्यालय में जमा करने होंगे। यह जानकारी जिला ग्रंथालय अधिकारी अर्पणा वाईकर ने दी है।

अर्पणा वाईकर ने बताया कि समान निधि योजना के अंतर्गत पुस्तकालय भवन के निर्माण एवं विस्तार कार्यों के लिए 25 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, असमान निधि योजना के तहत पुस्तक खरीद, फर्नीचर, भवन निर्माण एवं विस्तार, ‘ज्ञान कोपरा’ और ‘बाल कोपरा’ की स्थापना, पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण, महोत्सवी वर्ष मनाने के लिए विशेष अनुदान तथा राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार, कार्यशाला, प्रशिक्षण और जनजागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन के लिए भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

उन्होंने बताया कि योजना के नियम, शर्तें तथा आवेदन का निर्धारित प्रारूप www.rrrlf.gov.in संकेतस्थल पर उपलब्ध है। इच्छुक शासनमान्य सार्वजनिक पुस्तकालयों को आवश्यक दस्तावेजों सहित अपने प्रस्ताव अंग्रेजी या हिंदी भाषा में चार प्रतियों के साथ संबंधित जिला ग्रंथालय अधिकारी कार्यालय में जमा करने होंगे। इसके साथ ही राजा राममोहन रॉय ग्रंथालय प्रतिष्ठान की ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से भी प्रस्ताव प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

जिला ग्रंथालय अधिकारी अर्पणा वाईकर ने इच्छुक पुस्तकालयों से समयसीमा का पालन करते हुए 21 अगस्त 2026 तक प्रस्ताव प्रस्तुत करने का आग्रह किया है। साथ ही, योजनाओं से संबंधित अधिक जानकारी के लिए संबंधित जिला ग्रंथालय अधिकारी कार्यालय से संपर्क करने की अपील भी की गई है।

Tags:    

Similar News