तस्वीर में नाशिक महानगरपालिका का मुख्य कार्यालय भवन दिखाई दे रहा है, जिसके प्रवेश द्वार के सामने से लोग गुजर रहे हैं।

नाशिक शहर की स्वच्छता व्यवस्था को अधिक सक्षम बनाने के लिए नाशिक महानगरपालिका ने अब अस्वच्छता करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया है। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने, अस्वच्छता फैलाने और घनकचरा प्रबंधन नियमों का उल्लंघन करने वालों को बड़ा जुर्माना भरना होगा। कुछ मामलों में यह जुर्माना 10 हजार रुपये तक होगा।

महापालिका आयुक्त मनीषा खत्री ने घनकचरा प्रबंधन नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। शहर को स्वच्छ, सुंदर, हरित और प्रदूषणमुक्त रखने के लिए नागरिकों के साथ व्यापारियों, होटल, गृहनिर्माण सोसायटियों, शैक्षणिक संस्थानों और विभिन्न प्रतिष्ठानों के लिए कचरा प्रबंधन नियमों का पालन अनिवार्य किया गया है।

सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना

सड़कों, खाली जगहों या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ अब कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने पर सीधे 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है।

प्लास्टिक और मलबा फेंकने पर भी बड़ी कार्रवाई

सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को लेकर भी महापालिका ने कड़ा रुख अपनाया है। पहली बार नियमों का उल्लंघन करने पर 5 हजार रुपये, दूसरी बार 10 हजार रुपये और तीसरी बार नियम तोड़ने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना तथा तीन महीने तक कारावास का प्रावधान है।

इसके अलावा निर्माण या तोड़फोड़ से निकलने वाला मलबा सड़कों, नालों, नदी पात्र या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर फेंकने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस कचरे को उठाने के लिए महापालिका को होने वाले खर्च की दस गुना राशि जुर्माने के रूप में वसूली जा सकती है। संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।

थूकने और तंबाकू खाकर गंदगी फैलाने पर भी जुर्माना

सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू, सुपारी, पान मसाला या गुटखा खाकर थूकने के साथ ही धूम्रपान या ई-सिगरेट का इस्तेमाल करने पर भी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पहले अपराध के लिए 1 हजार रुपये का जुर्माना और एक दिन सार्वजनिक सेवा, दूसरे अपराध के लिए 3 हजार रुपये का जुर्माना और तीन दिन सार्वजनिक सेवा, जबकि तीसरे अपराध के लिए 5 हजार रुपये का जुर्माना और पांच दिन सार्वजनिक सेवा की कार्रवाई हो सकती है।

बार-बार नियम तोड़ने पर कारावास की संभावना

महापालिका के नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ केवल जुर्माने की कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण कानून के तहत आपराधिक मामला भी दर्ज किया जा सकता है। ऐसे मामलों में पांच वर्ष तक कारावास या एक लाख रुपये तक जुर्माना होने की संभावना है।

महापालिका के इस फैसले से नाशिक शहर के सार्वजनिक स्थानों पर अस्वच्छता फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का दायरा सख्त होगा। इसके साथ ही नागरिकों, व्यापारियों, होटल, गृहनिर्माण सोसायटियों, शैक्षणिक संस्थानों और विभिन्न प्रतिष्ठानों के लिए कचरा प्रबंधन नियमों का पालन अब पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

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