बिद्री (कागल)। बिद्री स्थित भारतमाता हाईस्कूल में साक्षरता दिवस विभिन्न गतिविधियों के साथ उत्साहपूर्वक मनाया गया। विद्यार्थियों में साक्षरता का महत्व, पढ़ने की रुचि और ज्ञान के प्रति लगाव विकसित करने के साथ समाज में साक्षरता को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से निबंध प्रतियोगिता और ग्रंथदिंडी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी मुख्याध्यापक टी. आर. पाटील ने की। प्रमुख अतिथि के रूप में आचार्य जावडेकर शिक्षणशास्त्र महाविद्यालय के प्रो. पी. बी. दराडे उपस्थित रहे। साक्षरता का महत्व समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए आयोजित ग्रंथदिंडी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही।

ग्रंथदिंडी में विद्यार्थियों ने हाथों में साक्षरता का संदेश देने वाली घोषणाओं की पताकाएं थाम रखी थीं। इसके साथ ही साक्षरता, शिक्षा और पढ़ने के महत्व को रेखांकित करने वाले विभिन्न नारों से लिखी टोपियां पहनकर विद्यार्थियों ने उत्स्फूर्त भागीदारी की। ‘वाचन संस्कृति जोपासा’ और ‘साक्षर व्हा, प्रगत व्हा’ जैसे नारों के माध्यम से विद्यार्थियों ने साक्षरता का संदेश दिया।

विद्यार्थियों ने शिक्षा से जीवन में होने वाले सकारात्मक बदलाव, ज्ञान के माध्यम से होने वाली प्रगति और पढ़ने से विकसित होने वाली वैचारिक समृद्धि के प्रति जागरूकता फैलाई। ग्रंथदिंडी से स्कूल परिसर में उत्साह का माहौल बना रहा। इस दौरान आयोजित निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने साक्षरता का महत्व, शिक्षा की आवश्यकता और वाचन संस्कृति जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मकता के साथ सामाजिक जागरूकता को भी प्रोत्साहन मिला।

कार्यक्रम में स्कूल के सभी शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी, आचार्य जावडेकर शिक्षणशास्त्र महाविद्यालय के बी.एड. आंतरवासिता छात्र प्रशिक्षणार्थी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। अक्षय बरगे ने प्रस्तावना रखी। ज्योती पाटील ने संचालन किया, जबकि धनराज आमते ने आभार व्यक्त किया। साक्षरता दिवस पर आयोजित ग्रंथदिंडी और अन्य गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों ने शिक्षा, वाचन संस्कृति और साक्षरता के महत्व का संदेश समाज तक पहुंचाया।

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