शिरपुर। महाराष्ट्र सरकार की ओर से घोषित नई आर्थिक सहायता को लेकर किसान संगठनों ने नाराजगी जताई है। संगठनों ने आरोप लगाया है कि सरकार ने ‘नमो शेतकरी महासम्मान निधि’ योजना की 4,000 रुपये की किस्तें बकाया रखी हैं, जबकि अब 5,000 रुपये की नई आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। किसान संगठनों ने सरकार की इस नीति की कड़ी आलोचना करते हुए इसे किसानों के साथ धोखाधड़ी बताया है।

किसान संगठनों का कहना है कि पहले से स्वीकृत सहायता राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर नई आर्थिक मदद की घोषणा कर सरकार किसानों को सहायता देने का आभास करा रही है। संगठनों ने इस रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा, “एक हाथ से किसानों की हक की सहायता रोककर रखनी और दूसरे हाथ से नई मदद देने की बड़ी घोषणा करके दिखावा करना, यह किसानों के साथ धोखाधड़ी है।”

किसान संगठनों ने मांग की है कि सरकार ‘नमो शेतकरी महासम्मान निधि’ योजना के तहत पहले से मंजूर और लंबित बकाया राशि तत्काल किसानों के बैंक खातों में जमा करे। संगठनों के अनुसार, नई सहायता की घोषणा के बीच पुरानी बकाया राशि का भुगतान नहीं होना सरकार की नीति पर सवाल खड़े करता है। अब विभिन्न किसान संगठन लंबित 4,000 रुपये का भुगतान तत्काल करने की मांग कर रहे हैं।

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