रबी ज्वार के प्रमाणित बीजों पर 50% तक सब्सिडी, महाडीबीटी पोर्टल पर जल्द करें आवेदन
महाराष्ट्र में रबी मौसम 2026-27 के लिए ज्वार के प्रमाणित बीजों पर 50% अनुदान मिलेगा। 10 वर्ष के भीतर और पुरानी किस्मों के बीजों पर अलग-अलग अनुदान निर्धारित है। किसान महाडीबीटी पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
महाराष्ट्र में वर्ष 2026-27 के रबी मौसम के लिए किसानों को ज्वार के प्रमाणित बीजों पर 50 प्रतिशत अनुदान का लाभ मिलेगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण उप अभियान-पौष्टिक तृणधान्य (NFSNM-NC) के अंतर्गत यह योजना लागू की गई है। पात्र किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए महाडीबीटी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। शिरपुर के कृषि अधिकारी कैलास गोपाल ने किसानों से जल्द से जल्द आवेदन करने का आह्वान किया है।
योजना के अंतर्गत प्रमाणित बीज वितरण के लिए बीजों की किस्म की अवधि के आधार पर अनुदान निर्धारित किया गया है। 10 वर्ष के भीतर की किस्मों के बीजों पर 30 रुपये प्रति किलोग्राम और 10 वर्ष से अधिक पुरानी किस्मों के बीजों पर 15 रुपये प्रति किलोग्राम अनुदान अनुमन्य है। इस घटक का लाभ व्यक्तिगत किसान लाभार्थियों को दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, फसल प्रदर्शन घटक के तहत किसान समूहों को बीज के लिए 100 प्रतिशत अनुदान का लाभ दिया जाएगा। इन दोनों घटकों के लक्ष्य महाडीबीटी पोर्टल पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। पात्र किसानों और किसान समूहों से संबंधित घटकों के लिए जल्द से जल्द ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की गई है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण उप अभियान के अंतर्गत किसानों के लिए अन्य गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी। इनमें एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, एकीकृत कीट प्रबंधन, किसान प्रशिक्षण और जिला स्तरीय कृषि महोत्सव जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। इन गतिविधियों का लाभ लेने के लिए किसानों को अपने संबंधित तालुका कृषि अधिकारी कार्यालय से संपर्क करना होगा।
योजना के लिए आवेदन करने के इच्छुक किसान महाडीबीटी पोर्टल के किसान लॉगिन mahadbt.maharashtra.gov.in पर जाकर प्रमाणित बीज वितरण और फसल प्रदर्शन घटकों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कृषि अधिकारी कैलास गोपाल ने अधिक से अधिक पात्र किसानों से योजना का लाभ लेने का आह्वान किया है।
योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए किसान विभागीय कृषि सहसंचालक, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी, उपविभागीय कृषि अधिकारी या तालुका कृषि अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।