कोल्हापुर के म्हाकवे में खेत में काम करते समय आकाशीय बिजली गिरने से 28 वर्षीय युवक की मौत
कोल्हापुर जिले के म्हाकवे में शनिवार शाम खेत में काम करते समय 28 वर्षीय रणजीत सिद्राम पाटील पर आकाशीय बिजली गिर गई। पिता की आंखों के सामने हुए हादसे में युवक की मौत हो गई। परिवार के इकलौते बेटे के निधन से गांव में शोक है।
कोल्हापुर जिले के कागल तहसील अंतर्गत म्हाकवे गांव में बेमौसम बारिश के दौरान खेत में काम करते समय आकाशीय बिजली गिरने से 28 वर्षीय रणजीत सिद्राम पाटील की मौत हो गई।
महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के म्हाकवे (तहसील कागल) में बेमौसम बारिश के बीच खेत में काम कर रहे 28 वर्षीय रणजीत सिद्राम पाटील की आकाशीय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। शनिवार, 17 अक्टूबर को शाम करीब साढ़े पांच बजे पठार स्थित खेत में यह दुर्घटना हुई। हादसे के समय रणजीत अपने माता-पिता के साथ खेत में काम कर रहा था। पिता की आंखों के सामने बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के इकलौते बेटे के निधन से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
रणजीत अपने माता-पिता के साथ खेत में मेहनत करके परिवार के भरण-पोषण में सहयोग करता था। क्षेत्र में बेमौसम बारिश की स्थिति बनने के कारण वह दोपहर में माता-पिता के साथ खेत में काम करने गया था। शाम को जब रणजीत और उसके पिता खेत में काम कर रहे थे, तभी अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली का तेज झटका लगने से रणजीत के कपड़ों में आग लग गई। इस हालत में वह अपने पिता की ओर करीब 15 से 20 फीट तक दौड़ा, लेकिन बिजली के झटके के कारण उसकी मौत हो गई।
बेटे को अपनी आंखों के सामने इस हालत में देखकर पिता को गहरा मानसिक आघात लगा। माता-पिता के साथ खेत में मेहनत करके परिवार का सहारा बनने वाले रणजीत की अचानक मौत से परिजन और ग्रामीण स्तब्ध रह गए। उसके निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक व्यक्त किया जाने लगा।
रणजीत अविवाहित था। उसके परिवार में माता-पिता और दो बहनें हैं। परिवार का इकलौता बेटा होने के साथ ही वह घर का सहारा भी था। उसके असमय निधन से पाटील परिवार ने अपना महत्वपूर्ण सहारा खो दिया है।
मिलनसार स्वभाव के रणजीत की अचानक मौत से परिवार के सदस्यों के साथ गांव के लोगों को भी गहरा सदमा पहुंचा है। आकाशीय बिजली गिरने की इस घटना ने म्हाकवे गांव में शोक की स्थिति पैदा कर दी है। खेत में माता-पिता के साथ काम कर रहे युवक की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।