MHADA Pune Lottery 2026: महा-आईटी सर्वर में खराबी से 18 हजार आवेदन अटके
अंतिम तिथि 15 अक्टूबर पास आने के बावजूद तकनीकी खराबी से दस्तावेजों का सत्यापन ठप है, जिससे आवेदकों की चिंता बढ़ गई है।
तस्वीर में म्हाडा पुणे बोर्ड कार्यालय के बाहर परेशान होकर बैठे और खड़े आवेदक दिखाई दे रहे हैं।
पुणे में महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MHADA) की आवासीय लॉटरी में आवेदन करने वाले लोगों को सर्वर की तकनीकी समस्या के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महा-आईटी (MahaIT) के सर्वर में खराबी के चलते 18 हजार से अधिक दस्तावेजों का सत्यापन लंबित है। इससे आवेदकों के आवेदन अटक गए हैं और अंतिम तिथि नजदीक आने के कारण उनकी चिंता बढ़ गई है।
पुणे आवास एवं क्षेत्र विकास मंडल की ओर से घोषित इस लॉटरी में पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र के 4,862 फ्लैट शामिल हैं। इसके लिए अब तक एक लाख से अधिक आवेदन जमा हो चुके हैं। आवेदन प्रक्रिया में अधिवास प्रमाणपत्र (डोमिसाइल) और आय प्रमाणपत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों का बारकोड महा-आईटी के सर्वर के माध्यम से सत्यापित किया जाता है। तकनीकी खराबी के कारण यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है, जिससे कई आवेदकों के आवेदन लंबित हैं।
दस्तावेजों को मंजूरी मिलने तक आवेदक अग्रिम जमा राशि (अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट) का भुगतान कर अपने आवेदन को अंतिम रूप नहीं दे सकते। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर निर्धारित है। ऐसे में आवेदकों के पास प्रक्रिया पूरी करने के लिए कुछ ही दिन बचे हैं।
शुरुआत में आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर थी, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण इसे बढ़ाकर 15 अक्टूबर कर दिया गया था। इसके बावजूद समय सीमा बढ़ने के बाद भी सर्वर की समस्या बनी हुई है और आवेदकों को राहत नहीं मिल पाई है।
कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, महा-आईटी की प्रणाली में खराबी के कारण MHADA के बैकएंड सिस्टम में 18 हजार से अधिक दस्तावेजों का सत्यापन लंबित है। दस्तावेजों को समय पर मंजूरी नहीं मिलने से आवेदक बार-बार दस्तावेज अपलोड करने का प्रयास कर रहे हैं। इससे सिस्टम पर दबाव और बढ़ रहा है तथा आवेदन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
तकनीकी समस्या से परेशान नागरिक सीधे MHADA कार्यालय पहुंच रहे हैं। वहां आवेदकों को स्थिति समझाने में अधिकारियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
इस समस्या के लिए MHADA की वेबसाइट के बजाय महा-आईटी के सर्वर में आई तकनीकी खराबी को जिम्मेदार बताया गया है। MHADA के सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी खामियों को जल्द दूर करने के लिए महा-आईटी से लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखा है।
वहीं, 15 अक्टूबर की अंतिम तिथि नजदीक होने के बावजूद यदि सर्वर सामान्य नहीं होता है, तो आवेदकों को नुकसान से बचाने के लिए MHADA प्रशासन आवेदन की समय सीमा बढ़ाने के पक्ष में बताया जा रहा है। महा-आईटी की ओर से भी सर्वर संबंधी तकनीकी समस्या का जल्द समाधान करने के प्रयास जारी हैं। ऐसे में लंबित दस्तावेजों का सत्यापन और आवेदन प्रक्रिया को समय पर पूरा करना प्रशासन के सामने प्रमुख चुनौती बनी हुई है।