छत्रपति संभाजीनगर के भवन गांव में आवारा कुत्तों के हमले में मृत बंदर के अवशेष, जिसका स्थानीय युवाओं ने शनिवार को धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया।   

छत्रपति संभाजीनगर जिले की सिल्लोड तहसील के भवन गांव में शनिवार, 17 अक्टूबर की सुबह करीब 10 बजे आवारा कुत्तों के हमले में एक बंदर की मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय युवाओं ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मृत बंदर की अंतिम यात्रा निकाली और हनुमान मंदिर परिसर में धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उसका अंतिम संस्कार किया। क्षेत्र में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके हमलों को लेकर नागरिकों की चिंता भी बढ़ रही है।

भवन गांव में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार सुबह कुत्तों ने एक बंदर पर हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल बंदर की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय युवा मौके पर पहुंचे और मृत बंदर के अंतिम संस्कार की पहल की।

रुपेश ठाकुर, भागवत कथार, गणेश नरवणे, ज्ञानेश्वर सोनवणे, ऋषिकेश सोनवणे, भाऊसाहेब शेजवल, रमेश गव्हाणे और मिलिंद बोराडे सहित अन्य युवाओं ने आगे आकर बंदर की अंतिम यात्रा निकाली। इसके बाद भवन गांव के हनुमान मंदिर परिसर में धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उसका अंतिम संस्कार किया गया।

इस घटना ने भवन क्षेत्र में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आवारा कुत्तों के हमलों से न केवल नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका है, बल्कि अन्य पशु-पक्षियों पर भी खतरा बना हुआ है।

क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ने के बीच स्थानीय नागरिकों ने संबंधित प्रशासन से इस समस्या का गंभीरता से संज्ञान लेने और कुत्तों पर नियंत्रण के लिए उचित उपाययोजना करने की मांग की है। नागरिकों के अनुसार, बढ़ते हमलों की समस्या पर प्रभावी कदम उठाना जरूरी है, ताकि लोगों और अन्य जीव-जंतुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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