कर्तव्य निभाते समय पवनचक्की पर हादसा: सुझलॉन के जूनियर इंजीनियर गौरवसिंह गिरासे की मौत

नंदुरबार के बलवंड-तिलाली क्षेत्र में सुझलॉन कंपनी की पवनचक्की पर मरम्मत कार्य के दौरान हुए हादसे में जूनियर इंजीनियर गौरवसिंह गिरासे गंभीर रूप से घायल हो गए। धुले के अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्थाओं पर फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Update: 2026-07-30 07:04 GMT

तस्वीर में गौरवसिंह गिरासे पारंपरिक पोशाक, रंगबिरंगी पगड़ी पहने और हाथ में तलवार पकड़े हुए नजर आ रहे हैं।

नंदुरबार जिले में कर्तव्य निभाते समय हुए एक दर्दनाक हादसे में सुझलॉन कंपनी के एक युवा जूनियर इंजीनियर की मौत हो गई। बलवंड-तिलाली क्षेत्र स्थित पवनचक्की पर मरम्मत और रखरखाव का कार्य करते समय हुए दुर्घटनाग्रस्त हादसे में गंभीर रूप से घायल गौरवसिंह युवराजसिंह गिरासे (26), निवासी ओसरली, तहसील नंदुरबार, हाल निवासी डी.जी. नगर, दोंडाईचा का 25 जुलाई 2026 को धुले स्थित विघ्नहर्ता मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल में उपचार के दौरान निधन हो गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 24 जुलाई 2026 को दोपहर लगभग 4 से 5 बजे के बीच पवनचक्की पर मरम्मत का कार्य चल रहा था। इसी दौरान हुए हादसे में गौरवसिंह गिरासे के सिर, पसलियों, पेट तथा दाहिने पैर में गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना के तुरंत बाद उन्हें नंदुरबार स्थित निम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए आगे के उपचार के लिए धुले के विघ्नहर्ता मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों के सभी प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

गौरवसिंह गिरासे पिछले डेढ़ वर्ष से सुझलॉन कंपनी में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। वे मूल रूप से ओसरली के निवासी थे और परिवार के साथ दोंडाईचा में रह रहे थे। उनके पिता दोंडाईचा स्थित स्टार्च फैक्टरी में वायरमैन के पद पर कार्यरत हैं और कुछ ही महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले थे। परिवार के इकलौते पुत्र गौरवसिंह अपने माता-पिता का सबसे बड़ा सहारा थे। उनके परिवार में माता, पिता और एक बहन हैं।

26 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे उनके पैतृक गांव ओसरली में अत्यंत शोकपूर्ण वातावरण में अंतिम संस्कार किया गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही परिजन, मित्र, सहकर्मी तथा क्षेत्र के बड़ी संख्या में नागरिक अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। कर्तव्यनिष्ठ, मिलनसार और सुस्वभावी युवा इंजीनियर के असामयिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई और विभिन्न स्तरों पर शोक व्यक्त किया गया।

यह घटना औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक सावधानियों के महत्व को एक बार फिर रेखांकित करती है। कार्यस्थलों पर सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन, नियमित प्रशिक्षण तथा आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के प्रभावी उपयोग पर लगातार ध्यान देना समय की आवश्यकता बताई जा रही है।

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