तस्वीर में गंभीर बीमारी से जूझ रही 14 माह की गार्गी संदीप जाधव नजर आ रही हैं।   

पुणे की 14 माह की गार्गी संदीप जाधव इन दिनों गंभीर बीमारी से जूझ रही है। जीवन की शुरुआत में ही उसे ‘एसएमए टाइप-1’ (Spinal Muscular Atrophy - SMA Type 1) जैसे दुर्लभ और गंभीर रोग ने घेर लिया है। डॉक्टरों ने गार्गी को अमेरिका से मंगाई जाने वाली ‘झोलजेन्स्मा’ (Zolgensma) जनुकीय दवा तत्काल देने की सिफारिश की है। इसके उपचार पर करीब 9 से 10 करोड़ रुपये का खर्च अपेक्षित है।

गार्गी अभी ठीक से बोलना और अपने पैरों पर चलना भी नहीं सीख पाई है, लेकिन इससे पहले ही उसे गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ रहा है। एसएमए टाइप-1 के कारण मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र पर असर पड़ता है। इसके चलते भोजन निगलने और स्वतंत्र रूप से सांस लेने जैसी बुनियादी क्रियाओं में भी कठिनाई हो सकती है।

फिलहाल गार्गी का मुंबई स्थित पी. डी. हिंदुजा नेशनल हॉस्पिटल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नीलू देसाई के मार्गदर्शन में उपचार चल रहा है। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए तत्काल आगे का उपचार किए जाने की आवश्यकता बताई है।

गार्गी के उपचार में आने वाला खर्च बेहद अधिक होने के कारण उसके पिता संदीप जाधव के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मध्यमवर्गीय परिवार के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना बेहद कठिन है। ऐसे में गार्गी के माता-पिता ने समाज के दानदाताओं, संस्थाओं और नागरिकों से उपचार के लिए आर्थिक मदद की अपील की है।

गार्गी के उपचार के लिए की गई छोटी-सी मदद भी उसके लिए जीवनदायी साबित हो सकती है। एक मासूम बच्ची के जीवन को बचाने और उसके परिवार की उम्मीद बनाए रखने के लिए नागरिकों से अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग करने का आह्वान किया गया है।पुणे की 14 माह की गार्गी संदीप जाधव इन दिनों गंभीर बीमारी से जूझ रही है। जीवन की शुरुआत में ही उसे ‘एसएमए टाइप-1’ (Spinal Muscular Atrophy - SMA Type 1) जैसे दुर्लभ और गंभीर रोग ने घेर लिया है। डॉक्टरों ने गार्गी को अमेरिका से मंगाई जाने वाली ‘झोलजेन्स्मा’ (Zolgensma) जनुकीय दवा तत्काल देने की सिफारिश की है। इसके उपचार पर करीब 9 से 10 करोड़ रुपये का खर्च अपेक्षित है।

गार्गी अभी ठीक से बोलना और अपने पैरों पर चलना भी नहीं सीख पाई है, लेकिन इससे पहले ही उसे गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ रहा है। एसएमए टाइप-1 के कारण मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र पर असर पड़ता है। इसके चलते भोजन निगलने और स्वतंत्र रूप से सांस लेने जैसी बुनियादी क्रियाओं में भी कठिनाई हो सकती है।

फिलहाल गार्गी का मुंबई स्थित पी. डी. हिंदुजा नेशनल हॉस्पिटल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नीलू देसाई के मार्गदर्शन में उपचार चल रहा है। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए तत्काल आगे का उपचार किए जाने की आवश्यकता बताई है।

गार्गी के उपचार में आने वाला खर्च बेहद अधिक होने के कारण उसके पिता संदीप जाधव के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मध्यमवर्गीय परिवार के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना बेहद कठिन है। ऐसे में गार्गी के माता-पिता ने समाज के दानदाताओं, संस्थाओं और नागरिकों से उपचार के लिए आर्थिक मदद की अपील की है।

गार्गी के उपचार के लिए की गई छोटी-सी मदद भी उसके लिए जीवनदायी साबित हो सकती है। एक मासूम बच्ची के जीवन को बचाने और उसके परिवार की उम्मीद बनाए रखने के लिए नागरिकों से अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग करने का आह्वान किया गया है।

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