रीठी की घनिया गौशाला में गोवंश की दुर्दशा, धनतेरस पर मिले 8 मृत पशु; खुले में शव फेंकने का आरोप
कटनी के रीठी क्षेत्र की घनिया गौशाला में धनतेरस पर छह मृत गोवंश के शव गड्ढे में और दो परिसर में मिले। खुले में शव फेंकने के आरोप के बीच पांच गौशालाओं की व्यवस्था और जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल उठे हैं।
रीठी जनपद पंचायत की घनिया गौशाला में मृत मिले गोवंश का दृश्य.
रीठी जनपद पंचायत की घनिया गौशाला में गोवंश की देखभाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। धनतेरस के दिन गौशाला में छह मृत गोवंश के शव गड्ढे में पड़े मिले। आरोप है कि खुले में पड़े शवों को कुत्ते और कौवे नोच रहे थे। वहीं, गौशाला परिसर में भी दो मृत गोवंश पाए गए। इस तरह मौके पर कुल आठ मृत गोवंश मिलने की बात सामने आई है।
इस घटना के बाद रीठी जनपद पंचायत की पांच गौशालाओं में गोवंश के भोजन, देखभाल और उपचार की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय शिकायतों के अनुसार, घनिया, बड़गांव, जमुनिया, पौड़ी और घुघरा गौशालाओं में पशुओं को भोजन उपलब्ध कराने, उनकी नियमित देखभाल करने और बीमार गोवंश का उपचार कराने की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
मामले को लेकर गौशालाओं का संचालन करने वाले समूहों और संबंधित सरपंचों की जिम्मेदारी तय करने की मांग उठ रही है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की जा रही है, ताकि गौशालाओं में गोवंश की देखभाल से जुड़ी व्यवस्थाओं की स्थिति स्पष्ट हो सके।
गोवंश के संरक्षण के उद्देश्य से संचालित इन गौशालाओं में यदि पशुओं को भोजन, देखभाल और समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है, तो यह व्यवस्था की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर विषय है। घनिया गौशाला में आठ मृत गोवंश मिलने की घटना ने रीठी जनपद की पांचों गौशालाओं के संचालन और जिम्मेदारों की भूमिका की जांच की मांग को और महत्वपूर्ण बना दिया है।