दिख रहे लोग बच्ची के लापता होने पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

पोरसा/मुरैना: मुरैना जिले के नगरा थाना क्षेत्र के एक गांव की वाल्मीकि समाज की किशोरी के लापता होने का मामला एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी अनसुलझा है। किशोरी 24 सितंबर 2026 को पोरसा से लापता हो गई थी। अब तक उसका पता नहीं चलने से परिजन और समाजजन चिंतित हैं तथा उसकी सुरक्षित बरामदगी के लिए तलाश तेज करने की मांग कर रहे हैं।

किशोरी की तलाश में तेजी लाने और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए माया राम सखवार के नेतृत्व में उसके माता-पिता सहित कई लोग पिछले दो-तीन दिनों से पोरसा स्थित सखवार धर्मशाला में शांतिपूर्ण धरने पर बैठे हैं। धरनारत लोगों का कहना है कि उनका उद्देश्य पुलिस का विरोध करना नहीं, बल्कि लापता किशोरी की सुरक्षित बरामदगी के लिए तलाश के प्रयास तेज करवाना है।

बेटी की वापसी की उम्मीद लगाए बैठे परिजन उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। किशोरी के लापता होने के बाद से परिवार को उसके संबंध में जानकारी मिलने का इंतजार है। इसी बीच परिजनों और समाजजनों ने धरने के माध्यम से प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और किशोरी की तलाश के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

धरनारत लोगों की मांग है कि प्रशासन किशोरी की तलाश के प्रयासों में तेजी लाए। साथ ही, जांच की प्रगति से परिजनों को अवगत कराया जाए, ताकि उन्हें अपनी बेटी के संबंध में जानकारी मिल सके। परिजन चाहते हैं कि मामले में की जा रही कार्रवाई की जानकारी उन्हें समय पर मिले और किशोरी की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जाएं।

फिलहाल परिजनों और समाजजनों को प्रशासन की पहल का इंतजार है। एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी किशोरी का पता नहीं चलने के बीच परिवार की प्रमुख मांग उसकी सुरक्षित बरामदगी और जांच की प्रगति से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की है।