15 घंटे की मशक्कत के बाद कुएं से सुरक्षित निकला भालू, जेसीबी और बाँस की सीढ़ी से सफल हुआ रेस्क्यू अभियान

कोरबा के ग्राम छिंदिया में कुएँ में गिरे भालू को वन विभाग ने 15 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जेसीबी और बाँस की सीढ़ी की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला।

Update: 2026-07-30 08:16 GMT

तस्वीर में एक गहरे कुएँ के निचले हिस्से में बैठा हुआ भालू और पास में पड़ी लकड़ियाँ दिखाई दे रही हैं।

कोरबा के वन परिक्षेत्र केंदई अंतर्गत ग्राम छिंदिया में एक भालू के कुएँ में गिरने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुँची और उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। सूचना के बाद कुएँ के आसपास सुरक्षा घेरा बनाया गया तथा ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर रहने की समझाइश दी गई, ताकि भालू अधिक तनावग्रस्त न हो और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

कुएँ की अधिक गहराई और भालू के भयभीत होने के कारण उसे सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण रहा। रेस्क्यू के दौरान वन विभाग की टीम ने इस बात का विशेष ध्यान रखा कि भालू को किसी प्रकार की चोट न पहुँचे। उसे बाहर निकालने के लिए विभिन्न उपाय किए गए, लेकिन प्रारंभिक प्रयास सफल नहीं हो सके।

इसके बाद जेसीबी मशीन की सहायता से कुएँ के एक ओर की मिट्टी खोदकर ढलाननुमा रास्ता तैयार किया गया। साथ ही भालू के बाहर निकलने के लिए कुएँ के अंदर बाँस की मजबूत सीढ़ी लगाई गई। रेस्क्यू स्थल से अनावश्यक भीड़ को हटाकर पूरे क्षेत्र को शांत रखा गया, जिससे भालू बिना किसी बाधा के स्वयं बाहर निकल सके।

लगभग 15 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रात्रि करीब 9:30 बजे भालू बाँस की सीढ़ी और जेसीबी से तैयार किए गए रास्ते की सहायता से सुरक्षित रूप से कुएँ से बाहर निकल आया तथा समीपस्थ जंगल की ओर चला गया। भालू के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद वन विभाग की टीम और ग्रामीणों ने राहत की साँस ली।

यह रेस्क्यू ऑपरेशन वनमंडलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत के निर्देशन तथा उप वनमंडलाधिकारी संजय कुमार त्रिपाठी के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। अभियान के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक कुमार दुबे, वनपाल शारदा प्रसाद शर्मा, वनपाल मंगल सिंह नायक, वनरक्षक गंगाराम नेताम, वनरक्षक अशोक कुमार श्रीवास, वनरक्षक मुरारी लाल साहू, वनरक्षक प्रहलाद सिदार, हाथी मित्र दल के संदीप उइके एवं भोला यादव सहित स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे और सभी ने रेस्क्यू कार्य में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। इस सफल अभियान के साथ वन विभाग ने भालू को सुरक्षित जंगल में पहुँचाने में सफलता प्राप्त की।

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