उमरिया मानपुर की शराब दुकानों पर गंभीर आरोप, बोरी में गांवों तक सप्लाई के दावे से उठे निगरानी पर सवाल

उमरिया के मानपुर में दो शराब दुकानों से गांवों तक शराब सप्लाई, ओवररेटिंग और समय के बाद बिक्री के आरोपों ने जांच की मांग तेज कर दी है।

Update: 2026-07-31 08:47 GMT

तस्वीर में मानपुर की एक सड़क पर दो व्यक्ति खड़े हैं और एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर शराब के कार्टन और केन बांधकर ले जाए जा रहे हैं।

उमरिया जिले के मानपुर की शराब दुकानों को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। दावा किया जा रहा है कि बस स्टैंड के आगे ताला रोड स्थित दुकान क्रमांक-1 और बिजौरी तिराहा स्थित दुकान क्रमांक-2 से शराब को बोरी में भरकर आसपास के गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। इन आरोपों ने आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, 31 जुलाई की सुबह बिना नंबर की एक हीरो मोटरसाइकिल पर बोरी में देशी और विदेशी शराब ले जाते हुए एक व्यक्ति को देखा गया। लोगों का कहना है कि पूछताछ करने पर शराब एक स्थानीय व्यक्ति की बताई गई। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित पक्ष का बयान भी सामने नहीं आया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही गतिविधि है। उनका कहना है कि सुबह दुकान खुलने से लेकर देर शाम तक शराब की खेप गांवों की ओर भेजी जाती है। यदि शराब केवल दुकान से वैध बिक्री के लिए है, तो उसे बाहर ले जाने का आधार और अनुमति क्या है, यह जांच का विषय है।

स्थानीय नागरिकों ने ओवररेटिंग और निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री के आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार मौखिक शिकायतें, लिखित आवेदन और सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया।

ग्रामीणों ने मांग की है कि जिला प्रशासन दोनों शराब दुकानों की निष्पक्ष एवं औचक जांच कराए। इसमें स्टॉक और बिक्री रजिस्टर का मिलान, सीसीटीवी फुटेज की जांच, दुकान से बाहर ले जाई जा रही शराब की पड़ताल, ओवररेटिंग तथा निर्धारित समय के बाद बिक्री की जांच शामिल की जाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गांवों तक शराब की आपूर्ति के आरोप सही पाए जाते हैं तो इसका असर युवाओं और ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है। उनका मानना है कि निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है। अब लोगों की निगाह जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की कार्रवाई पर टिकी है।

Tags:    

Similar News