डिंडौरी जिला अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल, भावना चौहान के निलंबन पर बढ़ा विवाद
डिंडौरी जिला अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर भावना चौहान के निलंबन के विरोध में हड़ताल, स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा असर और बढ़ा विवाद।
तस्वीर में डिंडोरी जिला अस्पताल परिसर के बाहर सफेद एप्रन पहने नर्सिंग कर्मचारी समूह में खड़े होकर प्रदर्शन करते दिख रहे हैं।
जिला अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर भावना चौहान के निलंबन के विरोध में नर्सिंग स्टाफ की शुरू हुई हड़ताल अब स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को प्रभावित करने लगी है। अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में नर्सिंग कर्मचारी एकत्रित होकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और निलंबन की कार्रवाई को एकपक्षीय बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारी नर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने भावना चौहान को तत्काल प्रभाव से बहाल करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने की मांग उठाई है।
पूरा मामला 22 जुलाई 2026 का है, जब कथित रूप से जिला अस्पताल में जहर का सेवन करने वाले एक मरीज का राईल्स ट्यूब के माध्यम से पेट साफ किया जा रहा था। इसी दौरान ड्रिंकिंग वॉटर की बोतल का उपयोग किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम डिंडौरी रामबाबू देवांगन को जांच के निर्देश दिए।
प्रारंभिक जांच के बाद जिला स्वास्थ्य अधिकारी मनोज पांडे, सिविल सर्जन डॉ. रमेश मरावी और मेडिकल ऑफिसर डॉ. भरत कुमार संत को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। वहीं नर्सिंग ऑफिसर भावना चौहान को निलंबित कर दिया गया। इसी कार्रवाई के बाद नर्सिंग स्टाफ में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि भावना चौहान के खिलाफ की गई कार्रवाई निष्पक्ष जांच के बिना की गई है। उनका आरोप है कि निलंबन जैसी कार्रवाई कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित करती है। उन्होंने मांग की है कि मामले की जांच सभी तथ्यों के आधार पर की जाए और भावना चौहान को तत्काल बहाल किया जाए।
इधर, नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल का असर जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखाई देने लगा है। मरीजों और उनके परिजनों को उपचार एवं अन्य आवश्यक सेवाओं में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अस्पताल प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। नर्सिंग स्टाफ के विरोध के बीच अब सभी की नजर प्रशासन के अगले निर्णय पर बनी हुई है।