रिद्धि-सिद्धि नगर में आज गणधर मुनि विवर्धनसागर जी का भव्य चातुर्मास प्रवेश, पांच दीक्षार्थियों की होगी गोद भराई

कोटा के रिद्धि-सिद्धि नगर में गणधर मुनि श्री 108 विवर्धनसागर जी महाराज का भव्य चातुर्मास प्रवेश आज होगा। पांच दीक्षार्थी ब्रह्मचारियों की गोद भराई भी आकर्षण रहेगी।

Update: 2026-07-24 07:29 GMT

तस्वीर में बाईं ओर समाजजन, बीच में दिगम्बर जैन मुनि और उनके साथ अन्य श्रद्धालु सड़क मार्ग पर विहार करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

रिद्धि-सिद्धि नगर, कुन्हाड़ी में शुक्रवार को दिगम्बर जैन समाज के लिए ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व का अवसर होगा। 'विराग वर्धन वर्षायोग-2026' के अंतर्गत समाधिस्थ गणाचार्य श्री 108 विरागसागर जी महाराज के सुशिष्य एवं पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्धसागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती गणधर मुनि श्री 108 विवर्धनसागर जी महाराज ससंघ (6 पिच्छी) का भव्य चातुर्मासिक मंगल प्रवेश आयोजित होगा।

मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र गोधा एवं मंत्री पंकज खटोड़ ने बताया कि प्रातः 7:30 बजे रिवर फ्रंट, नयापुरा से भव्य मंगल विहार यात्रा प्रारंभ होगी। यह यात्रा नीचे की पुलिया, प्लेटिना एवं मुख्य मार्गों से होते हुए अतिशयकारी श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर, रिद्धि-सिद्धि नगर पहुंचेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालु धर्मध्वज, मंगल कलश और जयघोष के साथ मुनिसंघ का स्वागत करेंगे। मंदिर पहुंचने पर आरती एवं पाद प्रक्षालन के साथ चातुर्मास का मंगल प्रवेश सम्पन्न होगा। इस अवसर पर मुनिश्री 108 विश्वद्वक्ष सागर जी, मुनिश्री 108 विश्वहित सागर जी, मुनिश्री 108 विश्वभद्र सागर जी तथा मुनिश्री 108 विश्ववास सागर जी महाराज का भी मंगल सानिध्य प्राप्त होगा।

मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष ताराचंद बड़ला ने बताया कि मंगल प्रवेश के उपरांत मंदिर परिसर स्थित संत भवन में पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्धसागर जी महाराज के संघस्थ पांच दीक्षार्थी ब्रह्मचारियों की पारंपरिक गोद भराई का भव्य आयोजन किया जाएगा।

इससे पूर्व गुरुवार को गणधर मुनि श्री 108 विवर्धनसागर जी महाराज ससंघ का विहार विज्ञान नगर दिगम्बर जैन मंदिर से रामपुरा तक हुआ। विहार के दौरान श्रद्धालुओं ने विभिन्न स्थानों पर वंदना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर सकल दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष प्रकाश बज, मनोज जेसवाल, अनिल ठौरा, राजेन्द्र गोधा सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

गणधर मुनि श्री 108 विवर्धनसागर जी महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि चातुर्मास आत्मशुद्धि, संयम, स्वाध्याय और धर्म साधना का श्रेष्ठ अवसर है। उन्होंने समाज से अहिंसा, करुणा, सदाचार और आत्मानुशासन के मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि धर्म का वास्तविक स्वरूप व्यक्ति के जीवन में संस्कार, सद्भाव और आत्मकल्याण का विस्तार करना है।

यह आयोजन अतिशयकारी श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर समिति एवं सकल दिगम्बर जैन समाज समिति, रिद्धि-सिद्धि नगर, कुन्हाड़ी, कोटा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जाएगा। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर धर्मप्रभावना के इस ऐतिहासिक अवसर का पुण्य लाभ लेने का आग्रह किया।

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