इको फ्रेंडली श्री गणपति क्लब का 45 दिवसीय जन जागरण अभियान शुरू, महामंडलेश्वर डॉ. हेमा सरस्वती ने किया रथों का लोकार्पण
कोटा में इको फ्रेंडली श्री गणपति क्लब ने गणपति महोत्सव को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए 45 दिवसीय जन जागरण अभियान शुरू किया। गुरु पूर्णिमा पर महामंडलेश्वर डॉ. हेमा सरस्वती ने जन जागृति रथों का लोकार्पण किया, जो शहरभर में पीओपी प्रतिमाओं के दुष्प्रभावों को लेकर लोगों को जागरूक करेंगे।
तस्वीर में कोटा के मौजी बाबा पावन धाम आश्रम के सामने जन जागृति रथ के साथ महामंडलेश्वर डॉ. हेमा सरस्वती और इको फ्रेंडली श्री गणपति क्लब के सदस्य नजर आ रहे हैं।
कोटा, 29 जुलाई। सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ के मुख्य संयोजक अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल के संयोजन में स्थापित इको फ्रेंडली श्री गणपति क्लब द्वारा गणपति महोत्सव को पूर्ण रूप से इको-फ्रेंडली बनाने के उद्देश्य से 45 दिवसीय विशाल जन जागरण अभियान का शुभारंभ किया गया। बुधवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मौजी बाबा पावन धाम आश्रम में महामंत्री राजाराम जैन कर्मयोगी के दिशा-निर्देशन में तैयार कराए गए जन जागृति रथों का लोकार्पण महामंडलेश्वर डॉ. हेमा सरस्वती ने किया।
इको फ्रेंडली श्री गणपति क्लब के अध्यक्ष डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि अभियान के तहत शहरवासियों से घर-घर और विभिन्न गणपति पांडालों में केवल मिट्टी से निर्मित गणपति प्रतिमाएं स्थापित करने की अपील की जाएगी। उन्होंने कहा कि गणेश चतुर्थी तक ये जन जागृति रथ प्रतिदिन शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण करते हुए लोगों को प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से निर्मित प्रतिमाओं के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे।
उन्होंने बताया कि जन जागृति रथों पर चित्रों, पोस्टरों और लाउडस्पीकर के माध्यम से जन-जन तक प्लास्टर ऑफ पेरिस के दुष्प्रभावों के संबंध में जागरूकता फैलाई जाएगी। उनका कहना था कि प्लास्टर ऑफ पेरिस से निर्मित प्रतिमाएं जलाशयों को गंभीर रूप से प्रदूषित करती हैं। जल प्रकृति की सबसे अनमोल संपदा है और यदि जलीय जीवों की सुरक्षा होगी, तभी जल शुद्ध रहेगा। बढ़ते जल प्रदूषण को रोकना हम सभी का नैतिक दायित्व है।
इस अवसर पर संरक्षक मंडल के सदस्य डॉ. अरुणा अग्रवाल, संदीप अग्रवाल (चांदीवाला), संजय गोयल, मयंक अग्रवाल, पंकज गोयल, अनिल खंडेलवाल, दिनेश कुमार बंसल एवं आर.एल. विजय सहित आयोजन समिति के सदस्य अनिल कुमार शर्मा, अश्वत्थामा दाधीच, बृजनंदन गौतम, लक्ष्मी नारायण गर्ग, परमानंद गर्ग तथा राजाराम जैन 'कर्मयोगी' समेत कई लोग उपस्थित रहे। अभियान का उद्देश्य गणपति महोत्सव के दौरान इको-फ्रेंडली प्रतिमाओं के उपयोग को बढ़ावा देते हुए जल प्रदूषण के प्रति व्यापक जनजागरण करना है।