ओंकारेश्वर महादेव मंदिर में कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ सात दिवसीय भागवत कथा ज्ञान यज्ञ

कोटा के ओंकारेश्वर महादेव मंदिर में भव्य कलश यात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ।

Update: 2026-08-03 14:45 GMT

तस्वीर में कथा व्यास आचार्य श्री कैलाश चंद तेहरिया महावीर नगर स्थित कथा मंच पर व्यास पीठ पर बैठकर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए नजर आ रहे हैं, जिनके साथ मंच पर अन्य लोग भी बैठे हैं।

सावन के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर महावीर नगर स्थित प्रसिद्ध ओंकारेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिन निकाली गई विशाल कलश यात्रा में क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और महिलाओं ने पूर्ण भक्ति भाव एवं उत्साह के साथ भाग लिया। पीत वस्त्र धारण किए सिर पर मंगल कलश लिए चल रही महिलाओं के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में गूंज उठा।

नगर निगम में निवर्तमान नेता प्रतिपक्ष विवेक राजवंशी ने बताया कि सावन माह का प्रथम सोमवार भगवान भोलेनाथ की विशेष आराधना का दिन होता है। ऐसे शुभ अवसर पर श्रीमद् भागवत कथा का प्रारंभ होना संपूर्ण क्षेत्र के लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। उन्होंने बताया कि कलश यात्रा ओंकारेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण से प्रारंभ होकर क्षेत्र के प्रमुख मार्गों से होते हुए कथा स्थल पहुंची। जहां वेद मंत्रों के उच्चारण के बीच कलशों की स्थापना की गई और भागवत पीठ का पूजन संपन्न हुआ।

कथा के प्रथम दिवस पर सुप्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य श्री कैलाश चंद तेहरिया ने संगीतमय देशना के माध्यम से श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत कथा श्रवण के नियम, इसके आध्यात्मिक फल और धार्मिक महत्व के बारे में विस्तार से बताया। आचार्य ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा मानव जीवन के कल्याण की अमृतमयी धारा है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और महादेव अत्यंत सहज एवं दयालु हैं, जो भक्त के सच्चे प्रेम और निष्ठा से शीघ्र प्रसन्न होकर अपनी असीम कृपा बरसाते हैं।

आचार्य श्री कैलाश चंद तेहरिया ने कहा कि जब भी जीवन में प्रभु कथा सुनने का शुभ अवसर मिले, तो सभी कार्यों को छोड़कर कथा श्रवण अवश्य करना चाहिए, क्योंकि यह आत्मा की शुद्धि का सर्वोत्तम साधन है।

आयोजन समिति के संयोजक जगदीश दीपमाला जिंदल ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से सायं 5 बजे तक किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं, माताओं और बहनों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथाामृत का पान करने एवं पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।

सावन के प्रथम सोमवार से प्रारंभ हुआ यह सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है।

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