थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों ने ओम बिरला से लगाई गुहार, रक्त आपूर्ति बाधित नहीं करने की उठाई मांग
कोटा में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों और उनके परिजनों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर निजी ब्लड बैंकों से 50 प्रतिशत रक्त सरकारी ब्लड बैंक को देने संबंधी प्रावधान पर पुनर्विचार की मांग उठाई। साथ ही आधुनिक थैलेसीमिया वार्ड और आयरन चिलेशन दवाओं की नियमित उपलब्धता का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा गया।
तस्वीर में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कोटा में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों और परिजनों से मुलाकात कर ज्ञापन लेते हुए नजर आ रहे हैं।
कोटा में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों एवं उनके परिजनों ने रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। शहर जिला भाजपा अध्यक्ष राकेश जैन के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में निजी ब्लड बैंकों से 50 प्रतिशत रक्त सरकारी ब्लड बैंक को उपलब्ध कराने संबंधी राज्य सरकार के प्रावधान पर पुनर्विचार करने की मांग की गई।
थैलेसीमिया वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष सुनील जैन एवं कोटा ब्लड बैंक सोसाइटी के सचिव राजकुमार जैन ने बताया कि कोटा ब्लड बैंक सोसाइटी पिछले 29 वर्षों से थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को निशुल्क रक्त उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि यदि निजी ब्लड बैंकों के लिए 50 प्रतिशत रक्त सरकारी ब्लड बैंक को उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया तो जरूरतमंद बच्चों के लिए नियमित रक्त की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है, जिससे उनके जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
सोसाइटी के सचिव विजय मित्तल ने भी प्रतिनिधिमंडल की ओर से थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली आयरन चिलेशन दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों के उपचार को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आश्वस्त किया कि अगले दो वर्षों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक समर्पित थैलेसीमिया वार्ड विकसित कराने का प्रयास किया जाएगा। प्रस्तावित वार्ड में रक्त चढ़ाने, आयरन चिलेशन दवाओं की उपलब्धता तथा आवश्यक जांचों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का लक्ष्य रहेगा।
इस दौरान अमरजीत अरोड़ा, सुनीता पंजवानी, समता मित्तल, निसार अहमद, अभिषेक दयानी सहित बड़ी संख्या में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे एवं उनके परिजन उपस्थित रहे। यह मुलाकात थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के उपचार और नियमित रक्त उपलब्धता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर हुई, जिसमें प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष विस्तार से रखा।