शिक्षा की राह में आर्थिक बाधा नहीं बनने देंगे, 71 भामाशाहों का हुआ सम्मान
कोटा में महाराजा श्री अग्रसेन शिक्षा ट्रस्ट ने 71 भामाशाहों का सम्मान किया, विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा के लिए सहयोग अभियान जारी।
तस्वीर में अग्रवाल सेवा सदन, झालावाड़ रोड पर महाराजा श्री अग्रसेन शिक्षा ट्रस्ट द्वारा आयोजित समारोह में सम्मानित होने वाले भामाशाह और समाजबंधु नजर आ रहे हैं।
आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा में सहयोग के लिए महाराजा श्री अग्रसेन शिक्षा ट्रस्ट द्वारा रविवार को अग्रवाल सेवा सदन, झालावाड़ रोड पर भामाशाह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में विद्यार्थियों की शिक्षा में आर्थिक सहयोग देने वाले 71 भामाशाहों का सम्मान किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि एच.एल. गुप्ता ने कहा कि शिक्षा में किया गया सहयोग समाज के भविष्य में निवेश है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संदीप चांदीवाला ने कहा कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभा की शिक्षा में बाधा नहीं बनना चाहिए। विशिष्ट अतिथि पंकज गोयल ने समाज से मेधावी विद्यार्थियों को आर्थिक संबल प्रदान करने का आह्वान किया।
ट्रस्ट अध्यक्ष डॉ. महेंद्र कुमार गर्ग ने बताया कि महाराजा श्री अग्रसेन शिक्षा ट्रस्ट वर्ष 2023 से अब तक 65 से अधिक विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा में आर्थिक सहयोग प्रदान कर चुका है। ट्रस्ट सचिव विष्णु प्रकाश मित्तल एवं उपाध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता ने ट्रस्ट की गतिविधियों की जानकारी देते हुए समाज के लोगों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की।
समारोह के दौरान सीए दिनेश अग्रवाल (दुबई) ने शिक्षा कोष के लिए ₹5 लाख तथा एच.एल. गुप्ता ने ₹1 लाख के सहयोग की घोषणा की। इसके अलावा अन्य समाजबंधुओं ने भी शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग का संकल्प लिया। ट्रस्ट से सहायता प्राप्त विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए सभी भामाशाहों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में सुरेशचंद्र जिंदल, सुरज्ञान गुप्ता एवं श्रीमती अर्चना जैन ने आभार व्यक्त किया। समारोह में बी.एल. गुप्ता, रमेश जी स्वर्ण सागर, प्रमोद जी, डॉ. रामावतार अग्रवाल, डॉ. शशी गुप्ता, विजय गुप्ता, अनिल अग्रवाल, त्रिलोक चंद्र गर्ग, राजेश मित्तल, सीए देवेंद्र कुमार गर्ग सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे।
महाराजा श्री अग्रसेन शिक्षा ट्रस्ट की इस पहल में समाज के सहयोग से मेधावी विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा को आर्थिक सहायता देने के प्रयास को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया गया।