कोटा में 5 अगस्त को गणपति जी को निमंत्रण से होगा अनन्त चतुर्दशी महोत्सव का शुभारंभ, मिट्टी की प्रतिमाओं से पर्यावरण संरक्षण का संदेश

कोटा में 5 अगस्त को गणपति जी को निमंत्रण के साथ श्री अनन्त चतुर्दशी महोत्सव की शुरुआत होगी। मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा।

Update: 2026-08-04 08:08 GMT

तस्वीर में मानव विकास भवन, कोटा में आयोजित श्री अनन्त चतुर्दशी महोत्सव आयोजन समिति की बैठक के दौरान मंच पर साध्वी डॉ. हेमा सरस्वती और अन्य पदाधिकारी नजर आ रहे हैं।

कोटा में श्री अनन्त चतुर्दशी महोत्सव आयोजन समिति की बैठक मानव विकास भवन, रावतभाटा रोड पर समिति की अध्यक्ष साध्वी डॉ. हेमा सरस्वती की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में आगामी श्री अनन्त चतुर्दशी महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देने के साथ पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति ने निर्णय लिया कि 5 अगस्त 2026 को गणेशपाल स्थित श्री गणेश जी महाराज के मंदिर में विधि-विधानपूर्वक पूजन-अर्चन कर भगवान श्री गणेश को आगामी श्री अनन्त चतुर्दशी महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सादर आमंत्रित किया जाएगा।

समिति की अध्यक्ष साध्वी डॉ. हेमा सरस्वती ने बताया कि सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि इस वर्ष मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं का निर्माण शीघ्र गति से कराया जाएगा। श्रद्धालुओं को पर्याप्त संख्या में मिट्टी की प्रतिमाएं उपलब्ध कराने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे, ताकि पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा सके।

बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री अनन्त चतुर्दशी महोत्सव का आयोजन 25 सितंबर 2026 को कोटा शहर में पारंपरिक एवं भव्य रूप से किया जाएगा। वहीं गणेश चतुर्थी के अवसर पर 15 सितंबर 2026 को शहरभर में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं तथा गणेश मंडलों द्वारा भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी।

समिति के अनुसार 25 सितंबर 2026 को प्रातः 11:30 बजे सूरजपोल गेट से संतों द्वारा विधि-विधान एवं पारंपरिक पूजन के साथ भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ होगा। शोभायात्रा सूरजपोल गेट से रवाना होकर कैथूनीपोल चौराहा, सब्जी मंडी, रामपुरा बाजार एवं आर्य समाज रोड होते हुए बारहद्वारी पहुंचेगी, जहां रात्रि 8:00 बजे से गणेश विसर्जन का कार्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा।

साध्वी डॉ. हेमा सरस्वती ने कहा कि "संगठन में ही शक्ति निहित है।" उन्होंने समस्त हिंदू समाज से एकजुट होकर श्री अनन्त चतुर्दशी महोत्सव को भव्य, दिव्य एवं ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की एकता, समरसता एवं सामूहिक सहभागिता ही इस महोत्सव की सबसे बड़ी ताकत है।

समिति के प्रभारी सुमेर सिंह एवं संरक्षक जटाशंकर ने बताया कि इस वर्ष शहर के प्रत्येक गली-मोहल्ले में भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही शहर को विभिन्न क्षेत्रों में विभाजित कर वहां श्री अनन्त चतुर्दशी महोत्सव आयोजन समिति की स्थानीय इकाइयों का गठन किया जाएगा, ताकि हिंदू समाज में एकता, समरसता एवं भाईचारे की भावना जमीनी स्तर तक पहुंचे और अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में पूर्व प्रभारी रामबाबू सोनी, पूर्व प्रभारी मनोज पुरी, नेता खंडेलवाल, पंकज मेहता, रामचरण जी मेहता, राधावल्लभ जी, सियाराम नागर, रौनक आनंद, शमशेर परनामी, अशोक बादल, अरुण, पवन पारीक, पवन खटाना, त्रिलोक सिंह, अनिल जैन, अनिल तिवारी, यश खंडेलवाल, महेश शर्मा, मुकेश शर्मा, सुरेंद्र, सुनील अजमेर, अरविंद सिसोदिया, प्रदीप बंसल, सीताराम जांगिड़, परमानंद प्रजापति, जटाशंकर, सुनील मित्तल, गोपाल महेश्वरी, हुकम सिंह झाला, पुरुषोत्तम धारी, कृष्णपाल सिंह, अनिल राठौड़, सुनील पोखरा, अल्पेश, सनी गोस्वामी, सचिन राठौर, हिम्मत सिंह, प्रणव मेहता, सतीश स्वामी, देवानंद जी, नरेश चौहान, नंदकिशोर, योगेंद्र स्वामी, योगेश रेनवाल, शिवम कुशवाहा, राज नारायण श्रीवास्तव, संजय प्रजापति, सुरेंद्र दावर, विनोद मेहरा, संदीप भाटिया, रितेश चित्तौड़ा एवं राजू सुमन सहित समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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