कोटा में महर्षि वाल्मीकि जयंती पर चार साहित्यिक कृतियों का लोकार्पण
समारोह में राममोहन कौशिक और कालीचरण राजपूत की चार पुस्तकों का विमोचन किया गया, जिसमें वाल्मीकि जीवन-दर्शन पर चर्चा हुई।
कोटा में महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह के दौरान चार नई पुस्तकों का लोकार्पण करते अतिथि।
कोटा में महर्षि वाल्मीकि की जयंती के अवसर पर साहित्य और ज्ञान की चार कृतियों का लोकार्पण किया गया। अखिल भारतीय साहित्य परिषद की कोटा महानगर इकाई के तत्वावधान में 25 अक्टूबर को मौजी बाबा धाम में वाल्मीकि जयंती समारोह एवं चतुरंगिणी पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ आयोजित हुआ। समारोह में रेलवे से सेवानिवृत्त इंजीनियर एवं साहित्यकार राममोहन कौशिक और कालीचरण राजपूत द्वारा रचित चार पुस्तकों का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री रामेश्वर शर्मा 'रामू भैया' द्वारा स्वरचित वाल्मीकि चालीसा के पाठ से हुआ। राजस्थान प्रांत के महामंत्री श्री विष्णु शर्मा 'हरिहर' ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन-दर्शन पर प्रकाश डालते हुए उनके व्यक्तित्व और विचारों से संबंधित विषयों को प्रस्तुत किया।
समारोह में राममोहन कौशिक और कालीचरण राजपूत की चार पुस्तकों का लोकार्पण किया गया। चार पुस्तकों के इस आयोजन को 'चतुरंगिणी पुस्तक लोकार्पण' नाम दिया गया। कोटा महानगर इकाई के उपाध्यक्ष श्री राममोहन कौशिक द्वारा लिखित 'किशोर ज्ञान संचिका' एवं 'कहानी कलश' तथा परिषद के प्रचार-प्रसार प्रभारी श्री कालीचरण राजपूत द्वारा रचित 'काव्य नवनीत' एवं 'बाल काव्य वाटिका' का विमोचन हुआ। चारों पुस्तकों को चतुरंगिणी सेना के चार अंगों के समान बताते हुए समारोह में उनका लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मौजी बाबा धाम की महामंडलेश्वर हेमा सरस्वती जी ने की। बड़े महाप्रभु जी मंदिर, पाटनपोल के अधिष्ठाता श्री विनय कुमार महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पुस्तकों का परिचयात्मक वक्तव्य सर्वश्री विजय जोशी, भगवत सिंह 'मयंक', कमलेश 'कमल' एवं श्रीमती अनुराधा शर्मा 'अनुद्या' ने दिया। अध्यक्ष हेमा सरस्वती जी ने दोनों कृतिकारों के सृजन की सराहना करते हुए उनकी पुस्तकों को उपयोगी बताया।
इस अवसर पर श्री राममोहन कौशिक ने अपनी पुस्तक 'किशोर ज्ञान संचिका' केशवपुरा स्कूल की मेधावी छात्रा कु. मेघांशी जंगम को भेंट की। मेघांशी ने 12वीं कक्षा में जीव विज्ञान संकाय में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उल्लेखनीय है कि राममोहन कौशिक द्वारा रचित 'किशोर ज्ञान संचिका' कला, वाणिज्य एवं विज्ञान, तीनों संकायों के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी वृहद ज्ञान कोष है।
कार्यक्रम का संचालन श्री राम शर्मा 'काप्रेन' ने किया। अंत में अध्यक्ष श्री सत्येन्द्र वर्मा ने समारोह में उपस्थित सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस आयोजन के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि जयंती के साथ साहित्यकारों की चार कृतियों को पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया।