तस्वीर में विज्ञान नगर स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में धार्मिक आयोजन के दौरान उपस्थित लोग नजर आ रहे हैं।   

पुष्पदंत भगवान के मुख्य कल्याणक दिवस पर विज्ञान नगर स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर प्रवचन में लोभ को आत्मा को अपवित्र करने वाली प्रमुख कषाय बताते हुए इच्छाओं के जाल से मुक्त होने को आत्मकल्याण का मार्ग बताया गया।

सीताराम जैन ने कहा, “हम जन्म के समय कुछ लेकर नहीं आए और मृत्यु के समय भी संसार की कोई वस्तु साथ लेकर नहीं जा सकते। इसके बावजूद मनुष्य जीवनभर पर पदार्थों को एकत्र करने में लगा रहता है। जिन पदार्थों को पाने के लिए वह अपना जीवन खपा देता है, वे उसे स्थायी सुख नहीं दे पाते।”

उन्होंने कहा कि आत्मा को अपवित्र करने वाली कषायों में लोभ सबसे प्रबल है। मनुष्य चौबीसों घंटे इच्छाओं के पीछे भागता रहता है और इन्हीं इच्छाओं के जाल में लोभ के कारण फंसता चला जाता है।

मंदिर अध्यक्ष राजमल पाटौदी ने बताया कि धार्मिक आयोजन के दौरान मुख्य शांति धारा जैन सोशल ग्रुप चंबल सिटी की ओर से की गई। पारसनाथ भगवान पर शांति धारा का सौभाग्य राजेंद्र पाटनी को प्राप्त हुआ। इसके अलावा प्रवीण जैन, त्रिलोक जैन, जीनेश सेठी, चेतन प्रकाश बंसल, पी.के. हरसोरा, पारस जैन, अनिल बाकलीवाल, विजय पाटौदी, आशीष जैसवाल, महावीर जैन, अरुण पांडेया, सुनील जैन, आवा मूलचंद जैन, मनोज टौगया, मनोज जैसवाल, विनोद बाहुबली, अनिल ठौरा, इंद्र कुमार जैन, बीरधी चंद जैन, अरविंद ठौरा एवं पदम हरसोरा सहित अन्य श्रद्धालुओं ने भी अभिषेक एवं शांति धारा में भाग लिया।

मंदिर महामंत्री अनिल जैन ठौरा ने बताया कि पुष्पदंत भगवान के मुख्य कल्याणक दिवस पर श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से पूजन-अर्चना की। सीताराम जैन एवं मनोरमा बाबरिया द्वारा पूजन कराया गया। इस दौरान निर्वाण कांड का वाचन कर निर्वाण मोदक अर्पित किया गया। निर्वाण मोदक चढ़ाने का सौभाग्य अनिल एवं सुनीता ठौरा को प्राप्त हुआ।

शाम को श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से सम्मेदशिखरजी की भाव-वंदना की। इसके बाद सामायिक एवं भक्तिभाव से आरती का आयोजन हुआ। धार्मिक वातावरण के बीच रात्रि में समंती पाठशाला के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों को समाजबंधुओं ने खूब सराहा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महावीर अजमेरा तथा विशेष अतिथि राजमल पाटौदी, चैतन्य बंसल, राजेंद्र पाटनी, सुनील कासलीवाल, विजय पाटनी एवं कन्हैया लाल जैन रहे। आयोजन में धार्मिक अनुष्ठानों, प्रवचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पुष्पदंत भगवान के मुख्य कल्याणक दिवस पर श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ सहभागिता की।

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