पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग, मनोज दुबे ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना
कोटा में मनोज दुबे ने पेपर लीक मामले पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी की मांग की और भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
तस्वीर में कांग्रेस नेता मनोज दुबे मीडिया से बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनोज दुबे ने पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने, पेपर लीक माफियाओं को संरक्षण देने और करोड़ों छात्रों एवं युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के लिए शिक्षा मंत्री जिम्मेदार हैं।
मनोज दुबे ने भाजपा सरकार द्वारा धर्मेंद्र प्रधान को हटाने के बजाय उन्हें बचाने की कोशिश करने की निंदा करते हुए इसे बेहद शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य को दीमक की तरह चाटने वाले भ्रष्ट एवं अयोग्य शिक्षा मंत्री को कुर्सी पर एक पल भी बैठने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के सपनों का सौदा करने वाले मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने के बजाय उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है। आखिर ऐसा क्या है कि धर्मेंद्र प्रधान पर कार्रवाई करने से पूरी भाजपा घबरा क्यों रही है?
मनोज दुबे ने कहा कि देश के करोड़ों छात्र एवं युवा भाजपा सरकार से मात्र मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं, कोई दिल्ली का ताज नहीं मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में मंत्रियों के लिए नैतिकता मायने रखती थी, पद नहीं, लेकिन आज भाजपा सरकार में पद बड़ा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पिछले 12 वर्षों के कुशासन में मंत्रियों पर बड़े से बड़ा आरोप लगने के बाद भी आज तक एक भी मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया।
कांग्रेस नेता ने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की तानाशाह सरकार ने अन्याय और अत्याचार की सारी सीमाएं लांघ दी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए लोकतांत्रिक आवाजों को भी लाठियों और गोलियों से कुचलने पर उतर आई है।
मनोज दुबे ने कहा कि मोदी सरकार ने पहले छात्रों को बुरी तरह से पीटा, फिर भाजपा नेताओं ने उन्हें 'भाड़े का टट्टू' और 'पत्थरबाज' कहा और अब भाजपा द्वारा उन्हें 'छात्रों के भेष में भेड़िया' बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता के नशे में भाजपा जिस छात्र और युवाशक्ति को गाली दे रही है, देश के यही छात्र और युवा भाजपाई सत्ता के अहंकार का अतिशीघ्र अंत करेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार को यह याद रखना चाहिए कि इतिहास गवाह है कि जब-जब इस देश का युवा अपने भविष्य और अधिकारों की लड़ाई के लिए सड़कों पर उतरा है, तब-तब सत्ता के सिंहासन हिल गए हैं। लाठियां और गोलियां युवाओं की आवाज को डरा नहीं सकतीं और न ही युवाओं के हौसलों को तोड़ सकती हैं।
मनोज दुबे ने कहा कि छात्रों एवं युवाओं के प्रोटेस्ट के दौरान दिल्ली पुलिस ने महिलाओं के साथ अभद्रता की सारी हदें पार कर दीं, जिससे पूरे देश में छात्रों और युवाओं में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि आज देश का छात्र और युवा सड़कों पर है तथा छात्रों एवं युवाओं की आवाज लाठी-गोली से दबाई नहीं जा सकती। उनके भविष्य और अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी।