कोटा में विद्यार्थियों के लिए बाल कौशल कार्यक्रम, ऑटोमोबाइल क्षेत्र में समझा करियर
कोटा राउंड टेबल 281 ने अनंतपुरा स्कूल के छात्रों को एवरग्रीन मोटर्स का भ्रमण कराया, जहां उन्होंने गाड़ियों की सर्विसिंग और रोजगार के अवसरों की जानकारी ली।
तस्वीर में कोटा राउंड टेबल 281 के बाल कौशल कार्यक्रम के दौरान छात्र संवाद करते हुए दिख रहे हैं।
कोटा। विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई के साथ व्यावहारिक कौशल और रोजगार के विभिन्न क्षेत्रों से परिचित कराने के उद्देश्य से कोटा राउंड टेबल 281 की ओर से बाल कौशल कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, अनंतपुरा के विद्यार्थियों को एवरग्रीन मोटर्स के संपूर्ण सर्विस सेंटर का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने मशीनों और तकनीकी कार्यों के बीच ऑटोमोबाइल क्षेत्र में करियर की संभावनाओं को करीब से समझा।
राउंड टेबल 281 के चेयरमैन सारांश मित्तल ने बताया कि भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने वाहनों की सर्विसिंग, तकनीकी जांच और मरम्मत से जुड़े विभिन्न कार्यों को करीब से देखा। उन्हें बताया गया कि ऑटोमोबाइल क्षेत्र में तकनीकी दक्षता हासिल करने के लिए किस प्रकार की शिक्षा और प्रशिक्षण आवश्यक है। विद्यार्थियों ने इस क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों, प्रशिक्षण की अवधि और शुरुआती स्तर पर मिलने वाले वेतन से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की।
एवरग्रीन मोटर्स के निदेशक सुमित अग्रवाल ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में करियर की संभावनाओं और आवश्यक तकनीकी कौशल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रुचि रखने वाले विद्यार्थी उचित प्रशिक्षण और तकनीकी दक्षता के माध्यम से इस क्षेत्र में बेहतर अवसर हासिल कर सकते हैं। उन्होंने ऑटोमोबाइल क्षेत्र में करियर एवं तकनीकी मार्गदर्शन की आवश्यकता होने पर विद्यार्थियों को एवरग्रीन मोटर्स की ओर से सहयोग का भरोसा दिलाया।
कोटा राउंड टेबल 281 के चेयरमैन सारांश मित्तल ने कहा कि विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव मिलने से उन्हें विभिन्न व्यवसायों की कार्यप्रणाली समझने और अपने करियर विकल्पों पर विचार करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कार्यक्रम के लिए एवरग्रीन मोटर्स के निदेशक सुमित अग्रवाल एवं उनकी टीम तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, अनंतपुरा के प्रधानाचार्य और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को ऑटोमोबाइल सर्विस सेंटर में होने वाले तकनीकी कार्यों को प्रत्यक्ष रूप से देखने, आवश्यक कौशल को समझने और इस क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।