कोटा में दुर्लभ सिक्कों-नोटों और डाक टिकटों की राष्ट्रीय प्रदर्शनी का आगाज
कोटा में तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रदर्शनी में मौर्यकालीन सिक्कों, दुर्लभ नोटों, डाक टिकटों और स्वतंत्रता संग्राम के चंदा कूपन का संग्रह आकर्षण बना।
तस्वीर में कोटा के होटल में आयोजित राष्ट्रीय प्रदर्शनी के दौरान स्टॉल पर रखे प्राचीन सिक्कों और वस्तुओं को देखते हुए लोग नजर आ रहे हैं।
कोटा में दुर्लभ सिक्कों, ऐतिहासिक नोटों और प्राचीन डाक टिकटों का अनोखा संसार शनिवार से देखने को मिल रहा है। स्टैम्प्स, कॉइन्स, नोट्स सोसाइटी (एसएनसी) कोटा के तत्वावधान में सेवन वंडर पार्क के सामने स्थित होटल 7डबल्यू में तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी 31 अगस्त तक आयोजित की जाएगी। इसका औपचारिक शुभारंभ भाजपा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने किया।
प्रदर्शनी में प्राचीन और मध्यकालीन भारत के इतिहास की झलक देखने को मिल रही है। यहां सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल में इस्तेमाल किए जाने वाले प्राचीन सिक्कों से लेकर मुगल सल्तनत, ब्रिटिश हुकूमत और स्वतंत्र भारत द्वारा जारी विभिन्न ऐतिहासिक एवं अत्यंत दुर्लभ सिक्कों का संग्रह प्रदर्शित किया गया है।
प्रदर्शनी में देश के राजनीतिक इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें स्वराज पार्टी, भारतीय जनसंघ और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के ऐतिहासिक चंदा कूपन विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
देशभर से आए नामचीन संग्रहकर्ताओं ने प्रदर्शनी में 100 से अधिक स्टॉल्स लगाए हैं। इनमें राजाओं के जमाने की एक दुर्लभ प्राचीन सुराही भी दर्शकों का ध्यान खींच रही है। अपनी उत्कृष्ट कलाकृति और विशाल क्षमता के लिए प्रसिद्ध इस ऐतिहासिक सुराही में एक पूरी बाल्टी पानी समा जाता है। इसे देखने के लिए दिनभर लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
राष्ट्रीय स्तर की इस प्रदर्शनी को आकार देने में सोसाइटी के फाउंडर सौरभ लोढ़ा एवं को-फाउंडर शुभम लोढ़ा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कार्यक्रम में सोसाइटी के संरक्षक आनंद राठी, नरेन्द्र कटियाल, उद्धबदास मरचुनिया सहित देश के प्रमुख संग्रहकर्ता निखिलेश सेठी, सुधीर तुलस्यान और अभिनंदन सेठी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
प्रदर्शनी के पहले ही दिन दुर्लभ सिक्कों, ऐतिहासिक नोटों और प्राचीन स्टैम्प्स (डाक टिकटों) को देखने के लिए शहर के नागरिकों, विद्यार्थियों और इतिहास प्रेमियों की भारी भीड़ पहुंची। दिनभर लोग भारत की इस अमूल्य धरोहर को करीब से देखने और उसके बारे में जानकारी हासिल करने के लिए उत्सुक नजर आए।
सौरव लोढ़ा ने बताया कि प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस और युवा पीढ़ी को देश के समृद्ध इतिहास, प्राचीन मुद्रा प्रणाली और दुर्लभ डाक टिकटों के ऐतिहासिक महत्व से रूबरू कराना है। आयोजकों ने शहरवासियों से 31 अगस्त तक चलने वाली इस प्रदर्शनी का अवलोकन करने की अपील की है।