कांग्रेस के टिकट बंटवारे पर मनोज दुबे की चेतावनी, जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी भारी पड़ेगी
नगर निगम चुनाव के टिकट बंटवारे को लेकर मनोज दुबे ने कांग्रेस नेतृत्व को चेताया, जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर नुकसान की आशंका जताई।
तस्वीर में कोटा शहर एवं देहात कांग्रेस सेवादल के पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज दुबे नजर आ रहे हैं।
कोटा शहर एवं देहात कांग्रेस सेवादल के पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज दुबे ने केंद्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व को पत्र लिखकर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के जमीनी, निष्ठावान और संघर्ष करने वाले सक्रिय कार्यकर्ताओं को टिकट वितरण में प्राथमिकता देने की मांग की है। उन्होंने चेताया कि ऐसे कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कांग्रेस पार्टी को भारी पड़ सकती है और टिकट वितरण सही नहीं हुआ तो नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ेगा।
मनोज दुबे ने कहा कि पूर्व में कांग्रेस के महापौर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में इस बार चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस का कोई भी पार्षद भाजपा में शामिल न हो, इसके लिए जरूरी है कि कांग्रेस पार्टी जनाधार वाले टिकाऊ कार्यकर्ताओं को ही टिकट दे।
उन्होंने कहा कि कोटा शहर व देहात कांग्रेस की जिला कार्यकारिणी में वरिष्ठ नेताओं की घोर उपेक्षा के बाद नगर निगम चुनाव में भी कांग्रेस पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को टिकट से वंचित करने से कांग्रेस को हानि होगी। जमीनी, निष्ठावान और संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं की अनदेखी से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त है।
मनोज दुबे के अनुसार, कोटा शहर व देहात कांग्रेस की जिला कार्यकारिणी की घोषणा के बाद से लगातार इस्तीफे और विरोध के कारण संगठन कमजोर हो रहा है। ऐसे में टिकट वितरण के दौरान भी कार्यकर्ताओं का आवेदन वापस कर विरोध करना कांग्रेस पार्टी के हित में नहीं है।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की ताकत ही राजस्थान में परिवर्तन की नींव रखेगी, लेकिन जमीनी कार्यकर्ताओं की भावनाओं, सुझावों और मेहनत को नजरअंदाज करना किसी भी संगठन के हित में नहीं है। कार्यकर्ता सम्मान और संवाद चाहता है तथा संगठन में अपनी भूमिका का उचित मूल्यांकन चाहता है।
मनोज दुबे ने कहा कि जो कार्यकर्ता वर्षों से बिना किसी स्वार्थ के संगठन की विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य करता आया है, यदि उसी कार्यकर्ता की उपेक्षा होगी, उसका सम्मान नहीं होगा और उसे केवल भीड़ जुटाने या काम कराने का माध्यम समझा जाएगा तो यह संगठन के लिए भारी चिंता का विषय है। ऐसे में नगर निगम चुनाव के टिकट वितरण में जमीनी और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने की मांग को उन्होंने कांग्रेस के संगठनात्मक हित से जोड़ा है।