तस्वीर में रिद्धि-सिद्धि नगर स्थित जिनालय में हाथ जोड़कर खड़े श्रद्धालु नजर आ रहे हैं।

रिद्धि-सिद्धि नगर स्थित श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन जिनालय में परम पूज्य गणाचार्य श्री 108 विरागसागर जी महामुनिराज के सुशिष्य गणधर मुनि श्री 108 विवर्धनसागर जी महाराज एवं प्रवर्तक मुनि श्री 108 विश्वनायकसागर जी महाराज के ससंघ सान्निध्य में अकम्पनाचार्य आदि 700 मुनियों की महाअर्चना श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ आयोजित की गई। धार्मिक आयोजन विधानाचार्य जितेंद्र शास्त्री के निर्देशन में संपन्न हुआ।

अध्यक्ष राजेंद्र गोधा एवं पंकज खटोड़ ने बताया कि चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन एवं पाद प्रक्षालन का सौभाग्य कपूरचंद, पारस-मीरा लुहाड़िया परिवार तथा कैलाशदेवी, मुकेश, राजू एवं प्रदीप पाटनी परिवार को प्राप्त हुआ।

गणधर मुनि श्री 108 विवर्धनसागर जी महाराज ने धर्मसभा में अकम्पनाचार्य आदि 700 मुनियों के प्रसंग का विस्तार से उल्लेख करते हुए उनके त्याग, तप, संयम और धर्मनिष्ठा से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि धर्म के मार्ग पर आने वाली परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना सम्यक दृष्टि, धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ करना चाहिए।

मुनिश्री ने रक्षाबंधन पर्व के पूर्व के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर भी प्रकाश डालते हुए जीवन में मर्यादा, संस्कार और आत्मिक उन्नति को अपनाने की प्रेरणा दी। 700 मुनियों की गौरवगाथा को त्याग, तप और संयम की प्रेरणा बताते हुए उन्होंने धर्ममार्ग पर दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

कोषाध्यक्ष ताराचंद बडला ने बताया कि 28 अगस्त को प्रातः 8.30 बजे श्री 1008 श्रेयांसनाथ भगवान का निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा।

धर्मसभा में सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष प्रकाश बज, महामंत्री पदम बडला, अशोक सांवला, सुरेश देईवाले, नरेंद्र सेठिया, प्रेमचंद दुर्गेरिया, पुष्प लुहाड़िया, महावीर जैन, अशोक पांडिया, अनिल बड़जात्या, बसंतीलाल पाटनी सहित गुरु सेवा संघ परिवार के सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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