कोटा में आज से दिखेगी दुर्लभ विरासत, सिक्कों-नोटों और डाक टिकटों की राष्ट्रीय प्रदर्शनी
कोटा में 29 से 31 अगस्त तक दुर्लभ सिक्कों, नोटों और डाक टिकटों की राष्ट्रीय प्रदर्शनी लगेगी, जहां ऐतिहासिक संग्रह आकर्षण होंगे।
तस्वीर में कोटा में आयोजित होने वाली दुर्लभ सिक्कों और डाक टिकटों की प्रदर्शनी के पोस्टर के साथ पांच लोग खड़े नजर आ रहे हैं।
इतिहास के पन्नों, राजा-महाराजाओं के कालखंड और दुर्लभ ऐतिहासिक विरासतों को करीब से देखने का अवसर कोटावासियों को मिलने जा रहा है। स्टेम्प्स, कॉईन्स, नोट्स सोसाइटी (एसएनसी) कोटा के तत्वावधान में 29 से 31 अगस्त तक तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की दुर्लभ सिक्कों, नोटों और डाक टिकटों की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। सेवन वंडर पार्क के सामने स्थित होटल 7डबल्यू में होने वाली प्रदर्शनी का शुभारंभ भाजपा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन करेंगे। आमजन प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से सायंकाल 6 बजे तक निशुल्क प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकेंगे।
सोसायटी के फाउंडर सौरभ लोढ़ा एवं को-फाउंडर शुभम लोढ़ा ने बताया कि तीन दिवसीय प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण देशभर से आने वाले विख्यात संग्रहकर्ता, विशेषज्ञ और उनकी विशेष स्टॉल्स होंगी। मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, असम और तमिलनाडु सहित देश के कई राज्यों से संग्रहकर्ता कोटा पहुँच रहे हैं।
प्रदर्शनी में सोसायटी के संरक्षक आनंद राठी, नरेन्द्र कटियाल, उद्धबदास मरचुनिया तथा प्रमुख संग्रहकर्ता निखिलेश सेठी, सुधीर तुलस्यान व अभिनंदन सेठी के अति-दुर्लभ व्यक्तिगत कलेक्शंस प्रदर्शित किए जाएंगे।
सौरभ लोढ़ा ने बताया कि प्रदर्शनी के माध्यम से आगंतुकों को भारतीय इतिहास की समृद्ध झलक देखने को मिलेगी। स्वतंत्रता संग्राम और राजनीतिक इतिहास से जुड़े स्वराज पार्टी, भारतीय जनसंघ और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के ऐतिहासिक चंदा कूपन भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
प्रदर्शनी में प्राचीन और मध्यकालीन इतिहास को समेटे सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल के सिक्कों से लेकर मुगल सल्तनत, ब्रिटिश हुकूमत और स्वतंत्र भारत द्वारा जारी विभिन्न ऐतिहासिक व दुर्लभ सिक्कों का संग्रह आकर्षण का केंद्र रहेगा।
सिक्कों के अलावा विभिन्न कालखंडों के दुर्लभ पोस्टकार्ड, ऐतिहासिक डाक टिकट, विंटेज अखबार तथा पुरानी कंपनियों द्वारा प्रचार-प्रसार के लिए उपयोग में ली जाने वाली विंटेज प्रचार सामग्री भी प्रदर्शित की जाएगी।
सोसायटी ने शहर के इतिहास प्रेमियों, विद्यार्थियों और आमजन से निशुल्क तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रदर्शनी में पहुँचकर भारत के गौरवशाली और दुर्लभ इतिहास को प्रत्यक्ष देखने की अपील की है।