कोटा: 11 बीघा कृषि भूमि विवाद में 32 साल से न्याय की मांग कर रहे गोविंद लाल
कनवास निवासी गोविंद लाल ने 11 बीघा पैतृक भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाकर प्रशासन से निष्पक्ष जांच, रिकॉर्ड सत्यापन और सुरक्षा की मांग की है।
कोटा में 32 साल पुराने भूमि विवाद को लेकर प्रेसवार्ता करते पीड़ित गोविंद लाल और उनके साथी।
कोटा। 71 साल की उम्र में भी पैतृक जमीन पर अधिकार पाने की उम्मीद लगाए कनवास निवासी गोविंद लाल पुत्र स्वर्गीय देवी लाल पिछले 32 वर्षों से न्याय के लिए संघर्ष करने का दावा कर रहे हैं। करीब 11 बीघा कृषि भूमि को लेकर वर्ष 1994 से जारी विवाद के बीच उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, नियमानुसार कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
गोविंद लाल के प्रार्थना-पत्र के अनुसार, विवादित कृषि भूमि का पुराना खसरा नंबर 1420/2338 है, जबकि वर्तमान में इसके खसरा नंबर 1112, 1122 और 1123 हैं। उनका दावा है कि भूमि उनके परिवार के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज रही है, लेकिन इस पर अन्य लोगों ने कथित रूप से कब्जा कर रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमि पर अपने अधिकार की मांग करने पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकियां भी दी गईं।
शिकायत में वर्ष 1994 में खेत में बोई गई फसल को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया गया है। गोविंद लाल ने इस मामले में 19 सितंबर 1994 को कनवास थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 157 का उल्लेख किया है। इसके अलावा, उन्होंने वर्ष 2005 और 2014 में चले राजस्व वादों तथा 28 जुलाई 2026 को पारित आदेश की भी जांच कराने की मांग की है।
गोविंद लाल ने प्रशासन से विवादित भूमि से जुड़े जमाबंदी रिकॉर्ड, नक्शों और अन्य राजस्व अभिलेखों का सत्यापन कराने की मांग की है। साथ ही, कथित अतिक्रमण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने और उन्हें भूमि का कब्जा दिलाने की गुहार लगाई है। उन्होंने अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की है।
करीब 11 बीघा कृषि भूमि से जुड़े इस विवाद में 32 साल से न्याय की प्रतीक्षा करने का दावा कर रहे गोविंद लाल को अब प्रशासन की निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना और दूसरे पक्ष का जवाब सामने आना बाकी है। ऐसे में राजस्व अभिलेखों की जांच और संबंधित पक्षों के तथ्यों के आधार पर होने वाली कार्रवाई इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।