कोटा में विश्व गठिया दिवस पर डॉ. दुर्गा शंकर ढिल्लन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की。   

कोटा में आधुनिक ऑर्थोपेडिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। विश्व गठिया दिवस के अवसर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, शहर में 50 से अधिक रोबोटिक घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी पूरी की जा चुकी हैं। यह उपलब्धि कोटा और हाड़ौती क्षेत्र में आधुनिक तकनीक आधारित घुटना प्रत्यारोपण उपचार की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है। इस अवसर पर गठिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मरीजों को उचित उपचार की जानकारी देने पर जोर दिया गया।

12 अक्टूबर 2026 को कोटा में विश्व गठिया दिवस के अवसर पर कोटा हार्ट इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ जॉइंट रिप्लेसमेंट एवं ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. दुर्गा शंकर ढिल्लन ने गठिया और घुटनों के ऑस्टियोआर्थराइटिस से जुड़ी समस्याओं पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लोग घुटनों के दर्द, अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी से जूझते हैं। समय पर जांच, उचित उपचार, नियमित व्यायाम और जीवनशैली में सुधार से कई मरीजों को राहत मिल सकती है।

डॉ. ढिल्लन के अनुसार, जिन मरीजों में घुटने की बीमारी गंभीर हो जाती है और दवाओं, फिजियोथेरेपी तथा अन्य गैर-सर्जिकल उपचारों से पर्याप्त लाभ नहीं मिलता, उनके लिए घुटना प्रत्यारोपण एक प्रभावी उपचार विकल्प हो सकता है। रोबोटिक तकनीक सर्जन को हड्डियों की कटाई और इम्प्लांट की पोजिशनिंग की योजना बनाने के साथ सर्जरी के दौरान अधिक सटीकता हासिल करने में सहायता करती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक मरीज के लिए उपचार का चयन उसकी बीमारी, शारीरिक स्थिति और चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर किया जाता है।

गठिया से जुड़ी जागरूकता के संदर्भ में उपलब्ध जानकारी में अमेरिका के आंकड़े का भी उल्लेख किया गया। इसके अनुसार, अमेरिका में लगभग हर चार से पांच वयस्कों में से एक, यानी करीब 21 प्रतिशत वयस्क, गठिया से प्रभावित हैं।

विश्व गठिया दिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय निःशुल्क परामर्श, निःशुल्क बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) और न्यूरोपैथी शिविर में 150 से अधिक मरीजों की जांच एवं परामर्श किया गया। इस शिविर के आयोजन में लॉयंस क्लब कोटा साउथ का भी योगदान रहा। शिविर के माध्यम से मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श देने और गठिया सहित संबंधित समस्याओं के प्रति जागरूक करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

डॉ. दुर्गा शंकर ढिल्लन ने लोगों से अपील की कि वे घुटनों के दर्द को उम्र का सामान्य हिस्सा मानकर नजरअंदाज न करें। उन्होंने समय पर ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से परामर्श लेने, वजन नियंत्रित रखने, नियमित रूप से उचित व्यायाम करने और बिना चिकित्सकीय सलाह के लंबे समय तक दर्द निवारक दवाओं का सेवन नहीं करने की सलाह दी।

डॉ. दुर्गा शंकर ढिल्लन कोटा हार्ट इंस्टीट्यूट, कोटा में विभागाध्यक्ष (हेड ऑफ डिपार्टमेंट) और वरिष्ठ जॉइंट रिप्लेसमेंट एवं ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ हैं। कोटा में 50 से अधिक रोबोटिक घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी पूरी होने और विश्व गठिया दिवस पर आयोजित निःशुल्क शिविर में 150 से अधिक मरीजों को देखने की जानकारी ने क्षेत्र में आधुनिक ऑर्थोपेडिक उपचार और गठिया संबंधी जागरूकता को प्रमुखता दी है।

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