कोटा के सरकारी स्कूल में शिक्षक के सामने कतार में खड़े विद्यार्थी हाथ आगे बढ़ाकर शपथ लेते दिख रहे हैं।

कोटा। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, आवासन मंडल केशवपुरा का स्वरूप बदलने और उसे पर्यावरण संरक्षण के आदर्श केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल की गई है। विद्यालय के शिक्षक प्रकाश जायसवाल ने अपने परिजनों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए विद्यालय के संपूर्ण सौंदर्यीकरण और बहुआयामी विकास का संकल्प लिया है। इस पहल के तहत विद्यालय परिसर को हरियाली से समृद्ध बनाने के साथ विद्यार्थियों में प्रकृति प्रेम, श्रम की गरिमा, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता के व्यावहारिक संस्कार विकसित किए जाएंगे।

कोटा में 29 अक्टूबर को सामने आई इस विकास योजना के तहत विद्यालय परिसर में बच्चों के बौद्धिक और रचनात्मक विकास के लिए आकर्षक बाल वाटिका विकसित की जाएगी। यहां बच्चे हरियाली और प्राकृतिक वातावरण के बीच खेल-खेल में पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझ सकेंगे। वहीं, स्काउट गाइड गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए समर्पित कैंप साइट और 'स्वावलंबन की ठौर' तैयार की जाएगी। इनके माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सेवा भाव विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।

विद्यालय परिसर को हराभरा बनाने के लिए आधुनिक नर्सरी और किचन गार्डन भी तैयार किए जाएंगे। किचन गार्डन में विद्यार्थियों को जैविक खेती, मौसमी सब्जियों, औषधीय पौधों और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व की व्यावहारिक जानकारी मिलेगी। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और जैविक अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए परिसर में केंचुआ खाद यानी वर्मीकम्पोस्ट तैयार करने की व्यवस्था की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को जैविक कचरे के उचित प्रबंधन और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा।

शिक्षक प्रकाश जायसवाल ने अपने परिजनों की स्मृति को समर्पित एक भव्य स्मृति द्वार के निर्माण का भी संकल्प लिया है। विद्यालय विकास की यह योजना केवल व्यक्तिगत प्रयासों तक सीमित नहीं रहेगी। इसमें निजी संसाधनों के साथ सरकारी योजनाओं, समाज के प्रबुद्ध जनों और भामाशाहों का सहयोग भी लिया जा रहा है।

प्रकाश जायसवाल की इस पहल के माध्यम से विद्यालय में शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण, आत्मनिर्भरता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े व्यावहारिक संस्कार विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। यह प्रयास विद्यालय परिसर के सौंदर्यीकरण के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और समाज की सहभागिता से शैक्षणिक संस्थानों के विकास का उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

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