तस्वीर में कोटा के अकलंक विद्यालय एसोसिएशन द्वारा थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के उपचार के लिए आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में भाग लेते हुए शिक्षक, विद्यार्थी और एसोसिएशन के पदाधिकारी नजर आ रहे हैं।

कोटा। थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के उपचार के लिए नियमित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अकलंक विद्यालय एसोसिएशन की ओर से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विद्यार्थियों और शिक्षकों सहित कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कुल 34 यूनिट रक्तदान किया।

अकलंक विद्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष पीयूष बज एवं सचिव अनिमेष जैन ने बताया कि बसंत विहार स्थित एसोसिएशन की तीनों शैक्षणिक इकाइयों अकलंक कॉलेज, अकलंक कॉलेज ऑफ एजुकेशन और अकलंक पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने शिविर में भाग लेकर सामाजिक जिम्मेदारी निभाई। शिविर के आयोजन में कोटा ब्लड बैंक सोसायटी के महासचिव राजकुमार जैन का मार्गदर्शन एवं सहयोग रहा।

इस अवसर पर एसोसिएशन के सचिव अनिमेष जैन एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार जैन ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रक्तदान केवल सामाजिक गतिविधि नहीं, बल्कि जरूरतमंद मरीजों के जीवन की रक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है।

अनिमेष जैन ने कहा कि थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को नियमित रूप से रक्त की आवश्यकता होती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान उनकी उपचार प्रक्रिया को निरंतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों से रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।

शिविर में मेडिकल कॉलेज एवं उससे संबद्ध चिकित्सालय समूह, कोटा के ब्लड बैंक की टीम ने रक्त संग्रहण और चिकित्सकीय व्यवस्थाओं का संचालन किया। एसोसिएशन की तीनों शैक्षणिक इकाइयों की सहभागिता से आयोजित इस शिविर में 34 यूनिट रक्तदान थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के उपचार के लिए स्वैच्छिक रक्तदान की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

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