कोटा के दशहरा मैदान में नए रावण दहन स्थल के निर्माण से पहले पूजा-अर्चना करते महापौर अनुसुईया गोस्वामी, मेला अधिकारी ओमप्रकाश मेहरा और जनप्रतिनिधि।   

कोटा में राष्ट्रीय दशहरा मेला 2026 के तहत रावण दहन को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर निगम ने दशहरा मैदान में बड़ा बदलाव किया है। विजयश्री रंगमंच के सामने स्थित पुराने पेडस्टल को हटाकर नया आधुनिक और मजबूत पेडस्टल बनाया गया है। साथ ही, पुतलों की लंबाई और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए रावण दहन स्थल को विजयश्री रंगमंच के सामने से लगभग 500 फीट दूर स्थानांतरित किया गया है। 17 अक्टूबर को हुए इस कार्य के दौरान स्थानीय पार्षद, जनप्रतिनिधि और नगर निगम के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।

महापौर अनुसुईया गोस्वामी ने बताया कि पुराना पेडस्टल विजयश्री रंगमंच के ठीक सामने स्थित था। इससे रंगमंच की दृश्यता और सुंदरता प्रभावित होती थी और स्थान भी देखने में उचित नहीं लगता था। इसी कारण पुराने पेडस्टल को पूरी तरह हटाकर नए पेडस्टल का निर्माण कराया गया है।

मेला अधिकारी ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद रावण दहन स्थल का निर्माण कार्य किया गया। इस बार रावण दहन स्थल को रंगमंच से लगभग 500 फीट दूर रखने का निर्णय पुतलों की लंबाई और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर लिया गया है। नई व्यवस्था से शहरवासियों और मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को रावण दहन का भव्य, अनोखा और सुरक्षित दृश्य देखने को मिलेगा।

दहन स्थल की कच्ची जमीन को देखते हुए पुतलों की सुरक्षा और संतुलन सुनिश्चित करने के लिए भारी-भरकम आरसीसी सॉलिड फाउंडेशन तैयार किए गए हैं। महापौर अनुसुईया गोस्वामी के अनुसार, रावण के पुतले के लिए 20 गुणा 20 फीट का मजबूत आरसीसी सॉलिड फाउंडेशन बनाया गया है, जबकि कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के लिए 12 गुणा 12 फीट के फाउंडेशन तैयार किए गए हैं।

इन सभी फाउंडेशन को जमीन में 5 फीट की गहराई तक बनाया गया है। इनमें स्टील की विशेष जैक वाली रॉड लगाई गई हैं। इसके अतिरिक्त पेडस्टल पर फिश प्लेट को जॉइंट किया गया है, जिससे पुतलों को मजबूत पकड़ मिल सके। नए पेडस्टल, गहरी आरसीसी नींव और जैक सिस्टम के जरिए रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों की स्थापना के लिए मजबूत आधार तैयार किया गया है। इस तरह राष्ट्रीय दशहरा मेला 2026 में रावण दहन स्थल की संरचना और स्थिति, दोनों में बदलाव किया गया है।

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