कोटा: दश लक्षण महापर्व पर महिला मंडल ने किया 'राजा हरिश्चन्द्र' नाटक का मंचन
दादाबाड़ी नसियां जी में आयोजित धार्मिक नाटिका के जरिए कलाकारों ने सत्य, त्याग और कर्तव्य के आदर्शों का संदेश दिया।
तस्वीर में मंच पर आदिश्वर महिला मंडल की सदस्य और कलाकार समूह में खड़े हैं।
कोटा। दश लक्षण महापर्व के पावन अवसर पर आदिश्वर महिला मंडल, दादाबाड़ी द्वारा श्री पुण्योदय अतिशय क्षेत्र, नसियां जी में धार्मिक नाटिका ‘सत्यवादी राजा हरिश्चन्द्र’ का प्रभावशाली मंचन किया गया। नाटिका में सत्य, धर्म, त्याग और कर्तव्य के आदर्शों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर उपस्थित श्रद्धालु एवं दर्शक भावविभोर हो गए।
कार्यक्रम के प्रायोजक प्रीति बाबरिया, नीलम मोहिवाल एवं शिल्पी जैसवाल रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सिद्धेश्वरी, सीमा, प्रीति एवं शिखा द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण से हुआ। इसके बाद दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।
दर्शकों की सहभागिता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम के दौरान रोचक टास्क एवं धार्मिक प्रश्नोत्तरी का आयोजन भी किया गया। दर्शकों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया और विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।
नाटिका में विभिन्न पात्रों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। राजा हरिश्चन्द्र की भूमिका दमयंती हरसौरा, रानी की भूमिका रानी दोराया, विश्वामित्र की भूमिका माधुरी, ऋषि की भूमिका कविता तथा मंत्री की भूमिका सरिता शाह ने निभाई। वहीं बच्चों की भूमिका नवद्या ने निभाई। सभी कलाकारों ने सशक्त अभिनय के माध्यम से अपने-अपने पात्रों को जीवंत किया और मंच पर प्रभावशाली वातावरण निर्मित किया।
पूरे कार्यक्रम को अध्यक्ष मधु शाह ने प्रभावशाली एंकरिंग एवं कुशल संचालन से अंत तक संजोए रखा। उनके संचालन में धार्मिक संदेश, मनोरंजन एवं दर्शकों की सहभागिता का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
कार्यक्रम में अर्चना रानी सर्राफ, संतोष, महेंद्र गोधा, जयदीप, संजय सिंह, सुमित शेंकी, विमलेश कासलीवाल, सुधा, प्रिया सहित अनेक गणमान्यजन एवं समाजजन उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर अध्यक्ष मधु शाह ने सभी कलाकारों, प्रायोजकों, दर्शकों एवं आयोजन को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने वाली सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। अर्चना सर्राफ एवं संतोष ने सफल आयोजन के लिए आदिश्वर महिला मंडल की सभी सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
धार्मिक नाटिका ‘सत्यवादी राजा हरिश्चन्द्र’ ने सत्य के प्रति अटूट निष्ठा, त्याग, धर्म एवं कर्तव्यपालन का प्रेरणादायी संदेश प्रस्तुत करते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं के मन पर गहरी एवं अमिट छाप छोड़ी।