दिल्ली की वोट चोरी विरोधी महारैली में उमड़ा जनसैलाब, भाजपा की उलटी गिनती शुरू: मनोज दुबे
दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट चोरी के खिलाफ इंडिया गठबंधन की महारैली में उमड़ी लाखों की भीड़ को मनोज दुबे ने भाजपा के खिलाफ जनआक्रोश का संकेत बताया। राहुल गांधी के नेतृत्व में हुई रैली और संविधान, लोकतंत्र व निष्पक्ष चुनाव की मांग पर उनके बयान ने सियासी हलचल बढ़ाई।
दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट चोरी के खिलाफ आयोजित कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की महारैली में उमड़े जनसैलाब को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनोज दुबे ने भाजपा के खिलाफ जनता के बढ़ते आक्रोश का संकेत बताया है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर दिल्ली में जुटी लाखों लोगों की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि भाजपा की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है।
कोटा, 1 नवंबर। मनोज दुबे ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में भारत के इतिहास की सबसे बड़ी रैली आयोजित हुई, जिसमें मैदान छोटा पड़ गया। वोट चोरी के खिलाफ रामलीला मैदान में आयोजित इस महारैली में लाखों की संख्या में लोग पहुंचे। इससे स्पष्ट हो गया है कि वोट चोरी के मुद्दे को लेकर देश की जनता में भारी आक्रोश है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की रैली में दिखाई दिया उत्साह और जोश पहले कभी देखने को नहीं मिला। हर दिशा से लाखों लोगों की भीड़ रामलीला मैदान की ओर पहुंच रही थी। देश के कोने-कोने से लोग महारैली में शामिल हुए। रामलीला मैदान से लोकतंत्र, संविधान और चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे पर आवाज बुलंद की गई। रैली में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और निष्पक्ष चुनाव की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
मनोज दुबे ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए लाखों लोग सड़कों पर उतरे। दिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान पूरी तरह खचाखच भरा हुआ था। इसके साथ ही राजधानी की सड़कों पर भी चारों तरफ लोगों का हुजूम दिखाई दिया। वोट चोरी और तानाशाही के खिलाफ इंडिया गठबंधन की महारैली में देशभर से लाखों लोग शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हो चुकी है। यह जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि लोग अब चुप बैठने वाले नहीं हैं और बदलाव तय है।
दुबे ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए देश के साधु-संत भी बड़ी संख्या में दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचे। उनके अनुसार, देश के साधु-संतों ने भी भाजपा के असली चाल, चरित्र और चेहरे को पहचान लिया है। आम जनता के साथ साधु-संत भी समझ चुके हैं कि देश के हालात बद से बदतर हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की सड़कों से उठी आवाज बता रही है कि देश का युवा, मजदूर, किसान और आम आदमी जाग चुका है। वोट की ताकत, लोकतंत्र की रक्षा और संविधान के सम्मान के लिए शुरू हुआ यह संघर्ष अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है। मनोज दुबे ने कहा कि वोट चोरों को गद्दी छोड़नी पड़ेगी।