झालावाड़ जिले के झालरापाटन में श्री चन्द्रभागा (कार्तिक) पशु मेला-2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिला प्रशासन एवं पशुपालन विभाग की ओर से आयोजित होने वाला यह मेला 20 से 28 नवंबर तक चलेगा। मेले में विभिन्न नस्लों के पशुओं की भव्य प्रदर्शनी, पशु प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं, व्यापारियों एवं अन्य आवेदकों के लिए भूखण्डों की नीलामी 14 से 18 नवंबर तक होगी। नीलामी में भाग लेने के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 11 नवंबर 2026 को शाम 5 बजे निर्धारित की गई है।

पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. चम्पालाल मीणा ने बताया कि मेले में बैल, ऊंट, घोड़े सहित विभिन्न पशुओं के क्रय-विक्रय के लिए उपयुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। पशुपालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पशुओं के लिए पानी, रोशनी और निःशुल्क चिकित्सा जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। पशु प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पशुपालकों को प्रशस्ति पत्र एवं नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

मेले के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 19 नवंबर को चौकियों की स्थापना होगी, जबकि 20 नवंबर को भूमि पूजन एवं उद्घाटन किया जाएगा। इसके बाद 23 से 25 नवंबर तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। पशु प्रतियोगिताएं 24 से 25 नवंबर तक होंगी। 23 नवंबर से सफेद चिट्ठी, 25 नवंबर से पारितोषिक वितरण एवं रचना कार्यक्रम शुरू होंगे। मेले का समापन 28 नवंबर को किया जाएगा।

मेले में व्यापारियों एवं अन्य आवेदकों को भूखण्ड आवंटित करने के लिए 14 से 18 नवंबर तक नीलामी आयोजित की जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 14 नवंबर को कोट कपड़ा बाजार के 216 भूखण्डों की नीलामी होगी। 15 नवंबर को कोट कपड़ा बाजार के 181 और हौजरी बाजार के 86 भूखण्डों की नीलामी की जाएगी। इसी तरह, 16 नवंबर को मनिहारी मेन बाजार एवं चूड़ी बाजार के 218 भूखण्डों, 17 नवंबर को विविध बाजार के 158 भूखण्डों तथा 18 नवंबर को लोहा/कंसारा/फूड प्लाजा/भोजनालय क्षेत्र के 150 भूखण्डों की नीलामी होगी। सभी नीलामियां सुबह 10 बजे से शुरू होंगी।

नीलामी में भाग लेने के इच्छुक आवेदकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन प्रस्तुत करना होगा। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 11 नवंबर 2026 को शाम 5 बजे तय की गई है। निर्धारित समयावधि के बाद प्राप्त होने वाले आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदक अपने आवेदन पशुपालन विभाग के कार्यालय, झालावाड़ में जमा करा सकेंगे।

पशु मेले में पशुओं के प्रवेश के लिए भी शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके तहत प्रति बैल 5 रुपये, ऊंट-ऊंटनी के लिए 8 रुपये, घोड़ा-घोड़ी के लिए 6 रुपये तथा भैंस-भैंसा, खच्चर एवं गधा के लिए 2.50 रुपये प्रति पशु शुल्क देना होगा।

इसके अलावा, मनोरंजन के साधनों, झूले-चकरी एवं पशु साज-सज्जा के लिए भूखण्डों का आवंटन 18 नवंबर को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा। मेले में ट्रक एवं अन्य वाहनों के लिए 10 रुपये प्रति ट्रिप टोल टैक्स निर्धारित किया गया है।

जिला प्रशासन एवं पशुपालन विभाग द्वारा मेले के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। पशुपालकों, व्यापारियों और आमजन से निर्धारित नियमों की पालना करने तथा आयोजन को सुव्यवस्थित बनाने में सहयोग करने की अपील की गई है। मेले में पशु व्यापार, प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भूखण्ड आवंटन से जुड़ी गतिविधियां तय कार्यक्रम के अनुसार संचालित की जाएंगी।

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