झालावाड़ में बाट-माप डीलरों और रेस्टोरेंट पर औचक निरीक्षण, अनियमितताओं पर नोटिस जारी
उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए 26-27 अक्टूबर को चलाए गए विशेष अभियान में नियमों के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाया गया है।
झालावाड़ में उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और बाट-माप में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विधिक माप विज्ञान विभाग ने 26 और 27 अक्टूबर को विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान बाट-माप डीलरों और रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण कर नियमों के उल्लंघन पर सुधार नोटिस जारी किए गए।
विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 और विधिक माप विज्ञान पैकेजिंग और कमोडिटीज नियम, 2011 के तहत झालावाड़ जिले में बाट-माप डीलरों और पैकेजिंग फर्मों के पैकेजिंग डिक्लेरेशन, उत्पादों के वजन तथा माप-तौल उपकरणों की जांच की गई। यह कार्रवाई खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा के कड़े दिशा-निर्देशों और स्पष्ट आदेशों की अनुपालना में की गई।
निरीक्षण अभियान का नेतृत्व झालावाड़ के विधिक माप विज्ञान अधिकारी दुर्गेश कुमार ने किया। अभियान के दौरान अवधेश तोल कांटा, भवानीमंडी; लक्की तोल कांटा, भवानीमंडी; रिद्धि सिद्धि तोल कांटा, पचपहाड़; चौधरी रेस्टोरेंट, इकलेरा; देव रेस्टोरेंट, रायपुर और भगवती रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान भवानीमंडी स्थित लक्की तोल कांटा का डीलर रजिस्ट्रेशन नहीं होने पर उसे इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया। वहीं, देव रेस्टोरेंट, भगवती रेस्टोरेंट और चौधरी रेस्टोरेंट में डिब्बाबंद उत्पादों पर आवश्यक जानकारी प्रदर्शित नहीं होने के कारण सुधार नोटिस दिए गए।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आम उपभोक्ताओं के हितों और अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री सुमित गोदारा के मार्गदर्शन में जिले में इस तरह की औचक निरीक्षण कार्रवाई आगे भी निरंतर और सख्ती से जारी रहेगी।
इस अभियान का उद्देश्य तौल में गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई करना तथा पैकेजिंग उत्पादों के वजन और उन पर आवश्यक जानकारी का विवरण उपभोक्ताओं को उपलब्ध नहीं कराने वाली इकाइयों पर अंकुश लगाना है। विभाग की इस कार्रवाई से बाट-माप और डिब्बाबंद उत्पादों से संबंधित नियमों के पालन पर निगरानी मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है।