भालता सरपंच चुनाव: जसवंत सिंह गुर्जर की जीत, भाजपा-कांग्रेस के नेता हारे
झालावाड़ की आदर्श ग्राम पंचायत भालता में भाजपा मंडल अध्यक्ष और कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष की पत्नी को हराकर युवा समाजसेवी जसवंत सिंह गुर्जर ने सरपंच पद पर कब्जा किया।
झालावाड़ जिले की सांसद आदर्श ग्राम पंचायत भालता में सरपंच चुनाव के नतीजों ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए। शनिवार को हुए सरपंच और पंचों के चुनाव में समाजसेवी युवा जसवंत सिंह गुर्जर ने 1176 वोट प्राप्त कर 479 वोट से जीत दर्ज की। चुनाव में भाजपा मंडल अध्यक्ष परमानंद रुहेला दूसरे स्थान पर रहे, जबकि कांग्रेस के अकलेरा ब्लॉक अध्यक्ष फूलसिंह की पत्नी और निवर्तमान प्रशासक सरपंच सुनीता बाई चौथे स्थान पर रहीं।
भालता ग्राम पंचायत के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेताओं को भी जीत नहीं मिल सकी। जसवंत सिंह गुर्जर की जीत के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई। लंबे समय से सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय जसवंत गुर्जर को मिले समर्थन को उनकी चुनावी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
जसवंत गुर्जर की जीत के बाद भालता में उनका स्वागत किया गया। नवनिर्वाचित सरपंच जसवंत गुर्जर का नृसिंह भगवान मंदिर समिति, हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं और भालता ग्रामवासियों ने माला पहनाकर स्वागत किया। इसके अलावा पंचायत बेहड़ी कलां, लंकापुरी, पचानखेड़ी और बेहड़ी खुर्द सहित लंकापुरी गांव के लोगों ने भी उनका स्वागत किया।
जसवंत गुर्जर पिछले 20 साल से सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्र में काम कर रहे हैं। वे संघ की पृष्ठभूमि से आते हैं। वे विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के पूर्व जिला सह संयोजक रह चुके हैं। इसके अलावा वे भाजपा के मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। गांव की सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों के साथ अन्य कार्यक्रमों में भी वे सक्रिय रूप से भाग लेते रहे हैं।
लगातार दो दशक से सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रियता के बीच जसवंत गुर्जर ने भालता सरपंच चुनाव में जीत दर्ज की। उनकी जीत को लेकर भालता सहित पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। वहीं, चुनाव में भाजपा मंडल अध्यक्ष परमानंद रुहेला और कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष फूलसिंह की पत्नी सुनीता बाई को हार का सामना करना पड़ा।