सरकारी नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी, झालावाड़ में दो महिलाएं गिरफ्तार
झालावाड़ में सरकारी नौकरी और ट्रांसफर का झांसा देकर 16.40 लाख की ठगी का खुलासा, दो फरार महिला आरोपी गिरफ्तार।
तस्वीर में बारां में मोटरसाइकिल पर सवार होकर यात्रा निकालते हुए भाजपा नेता और कार्यकर्ता नजर आ रहे हैं।
झालावाड़ में सरकारी और संविदा नौकरी लगवाने तथा सरकारी विभागों में ट्रांसफर कराने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। मामले में करीब डेढ़ माह से फरार चल रही दो महिला आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह गांव-गांव पहुंचकर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे गरीब और मध्यमवर्गीय बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता था।
पुलिस के मुताबिक 7 अगस्त 2026 को कोतवाली झालावाड़ में शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में बताया गया था कि झालावाड़ और आसपास के क्षेत्र में एक गिरोह सक्रिय है, जो गांव-गांव जाकर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अपने जाल में फंसाता है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सरकारी विभागों, अस्पतालों और स्कूलों में पक्की संविदा नौकरी लगवाने का झांसा देकर प्रति व्यक्ति 1.50 लाख से 2.50 लाख रुपए तक नकद और ऑनलाइन माध्यम से वसूले।
अब तक की जांच में 8 शिकायतकर्ताओं से 11.60 लाख रुपए नकद और 4.80 लाख रुपए यूपीआई के माध्यम से वसूले जाने की बात सामने आई है। इस तरह कुल 16.40 लाख रुपए की धोखाधड़ी सामने आई है। पुलिस के अनुसार गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। आरोपियों से जुड़े व्हाट्सऐप चैट और शिकायतकर्ताओं के शैक्षणिक दस्तावेजों के संबंध में जांच जारी है।
मामले की जांच के लिए गठित पुलिस टीम लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान करीब डेढ़ माह से फरार चल रही दो महिला आरोपियों को 24 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है। उनसे मामले में आगे पूछताछ की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में हमीदा उर्फ तमन्ना पत्नी सुनील राठौड़, उम्र 36 वर्ष, झालावाड़ तथा अंजुम पत्नी अब्दुल रऊफ, उम्र 52 वर्ष, पायगा मोहल्ला, झालावाड़ शामिल हैं। पुलिस के अनुसार मामले में गिरोह के दो अन्य सदस्यों को पूर्व में गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है, जबकि अन्य संदिग्ध आरोपियों की तलाश जारी है।
झालावाड़ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सरकारी या संविदा नौकरी केवल राज्य सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और मेरिट के आधार पर होती है। नौकरी या ट्रांसफर के नाम पर पैसे मांगने वाले किसी भी व्यक्ति को रकम नहीं दें। यदि किसी व्यक्ति के साथ इस प्रकार की ठगी हुई है तो तत्काल नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।