विकसित भारत रोजगार गारंटी योजना लॉन्च, 125 दिन के काम का कानून
मनरेगा की जगह आई वीबी जी राम जी योजना में रोजगार की कानूनी गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन की गई और प्रशासनिक बजट भी बढ़ाया गया।
मसूदा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान मंच पर उपस्थित केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और अन्य अतिथि महिला लाभार्थियों को नए आवास की चाबियां सौंपते हुए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के विजन को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में गुरुवार को विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी योजना (वीबी जी राम जी) का राष्ट्रीय शुभारंभ आंध्र प्रदेश के तिरूपति से केन्द्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ब्यावर जिले की मसूदा कृषि उपज मंडी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े और वीबी जी राम जी योजना के राज्य स्तरीय जन सम्मेलन सह शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गांवों की समृद्धि और विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप वीबी जी राम जी योजना शुरू की गई है। प्रधानमंत्री का स्पष्ट विश्वास है कि गांवों को विकसित बनाकर ही भारत को विकसित बनाया जा सकता है। किसान की समृद्धि, श्रमिक के सम्मान और गांवों की आत्मनिर्भरता के माध्यम से भारत विश्व की अग्रणी शक्ति बनेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि जल संरक्षण, आधारभूत संरचना और ग्राम विकास का समग्र राष्ट्रीय अभियान है।
मुख्यमंत्री ने मनरेगा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी देने के उद्देश्य से लागू किया गया था, लेकिन यह अपने मूल उद्देश्य में पूरी तरह सफल नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत अधिकांश कार्य अस्थायी सड़कों, अधूरी जल संरचनाओं तथा बिना योजना के मिट्टी खुदाई तक सीमित रहे, जिनका दीर्घकालिक लाभ नहीं मिला। उन्होंने बताया कि निगरानी व्यवस्था कमजोर होने के कारण नकली एवं डुप्लीकेट जॉब कार्ड, फर्जी लाभार्थी, बढ़ा-चढ़ाकर या मनगढ़ंत हाजिरी रजिस्टर तथा श्रमिकों को आंशिक या पूर्ण मजदूरी का भुगतान नहीं होने जैसी अनियमितताएं सामने आती रहीं। सोशल ऑडिट भी केवल औपचारिकता बनकर रह गया।
उन्होंने कहा कि मनरेगा में प्रशासनिक कार्यों पर केवल छह प्रतिशत व्यय की अनुमति होने से प्रभावी क्रियान्वयन संभव नहीं हो पाया। खेती के मौसम में भी कार्य जारी रहने से किसानों को श्रमिक नहीं मिलते थे तथा मजदूरी भुगतान में देरी पर मुआवजे का प्रावधान भी व्यवहारिक रूप से प्रभावी नहीं रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी जी राम जी योजना के तहत अब वार्षिक रोजगार की कानूनी गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। फसल बुवाई और कटाई के दौरान श्रमिकों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए राज्य सरकार को 60 दिनों का कार्य विराम घोषित करने का अधिकार होगा। योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत ढांचा, आजीविका संवर्धन तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े स्थायी और उपयोगी कार्य कराए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि योजना में जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेज, मोबाइल एप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक छह माह में डिजिटल तथ्यों के आधार पर सोशल ऑडिट अनिवार्य होगा। डिजिटल बहुस्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली लागू की जाएगी, जिसमें निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायतों का निस्तारण तथा जिला लोकपालों की व्यवस्था होगी। योजना के तहत प्रत्येक सप्ताह मजदूरी भुगतान अनिवार्य रहेगा और दो सप्ताह से अधिक देरी होने पर स्वतः मुआवजा मिलेगा। प्रशासनिक व्यय की सीमा छह प्रतिशत से बढ़ाकर नौ प्रतिशत कर दी गई है, जिससे पर्याप्त कर्मचारी, तकनीकी विशेषज्ञ, प्रशिक्षण और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के कानून में टिकाऊ एवं जवाबदेह वित्तीय मॉडल का प्रावधान किया गया है। पहले श्रम बजट की कोई निश्चित सीमा नहीं थी, जबकि अब प्रत्येक वर्ष स्पष्ट एवं निर्धारित बजट तय किया जाएगा। मांग के अनुसार कार्य उपलब्ध कराने की व्यवस्था पूर्ववत बनी रहेगी। कुल आवंटन में वृद्धि से राज्यों को हाल के मनरेगा औसत की तुलना में लगभग 17 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि वीबी जी राम जी योजना को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि यह सहकारी संघवाद का उत्कृष्ट मॉडल है। डबल इंजन सरकार ने वर्ष 2026-27 में योजना के लिए राजस्थान में 12 हजार 636 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो राज्य में इस योजना के लिए अब तक का सर्वाधिक बजट है। इससे गांवों में पानी, सड़क और अन्य आवश्यक स्थायी विकास कार्यों को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्रामीण भारत के भविष्य को नई दिशा देने वाली इस दूरदर्शी पहल का नेतृत्व किया है। यह योजना ग्रामीण रोजगार की मजबूत गारंटी के साथ विकसित भारत की सशक्त आधारशिला बनेगी। उन्होंने देवमाली गांव का उल्लेख करते हुए कहा कि इस गांव को भारत सरकार द्वारा बेस्ट टूरिस्ट विलेज का पुरस्कार मिल चुका है। यहां आज भी पक्के मकान नहीं बनाए जाते और घरों पर ताले नहीं लगाए जाते।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में पानी और बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। विभिन्न जल परियोजनाओं को गति दी गई है। प्रदेश के 26 जिलों के किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है तथा वर्ष 2027 तक सभी जिलों के किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। युवाओं को चार लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा भी पूरा किया जा रहा है। उन्होंने आमजन से हरियालो राजस्थान अभियान के तहत अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने देवमाली में दर्शनार्थियों के लिए दो करोड़ रुपये की लागत से आश्रय स्थल निर्माण की घोषणा की। साथ ही सरोवर के जीर्णोद्धार तथा सड़क निर्माण कार्यों के माध्यम से क्षेत्रीय विकास को गति देने का भरोसा दिलाया।
केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि वीबी जी राम जी योजना विकसित भारत की मजबूत नींव है। इसके तहत होने वाले स्थायी निर्माण गांवों के समग्र विकास को नई दिशा देंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पिछले ढाई वर्षों में महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं को गति देने के साथ किसान सम्मान निधि बढ़ाकर नौ हजार रुपये कर दी है।
ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश निरंतर प्रगति कर रहे हैं। वीबी जी राम जी योजना को मनरेगा की तुलना में अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया गया है तथा इसमें आधारभूत ढांचे के निर्माण के महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जिससे गांवों के अंतिम छोर तक लोगों को लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीबी जी राम जी योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड वितरित किए। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को विभिन्न बैंकों के माध्यम से 3.31 करोड़ रुपये की क्रेडिट लिंकेज राशि के चेक तथा राजस्थान महिला निधि की विभिन्न योजनाओं के तहत 1.16 करोड़ रुपये के ऋण चेक सौंपे। समर्थ सखी ऋण योजना के अंतर्गत सीएलएफ क्लस्टर मैनेजर एवं बैंक मित्रों को स्कूटी प्रदान की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत नवीन आवासों की स्वीकृति प्रदान करने के साथ नव निर्मित मकानों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपी गईं। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने राजीविका स्वयं सहायता समूहों के हस्तशिल्प उत्पादों के स्टॉलों का अवलोकन किया तथा लगभग 424 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना, विधायक विरेन्द्र सिंह कानावत, शत्रुघ्न गौतम, शंकर सिंह रावत, रामस्वरूप लाम्बा, शासन सचिव ग्रामीण विकास कृष्ण कुणाल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
वीबी जी राम जी योजना का शुभारंभ ग्रामीण रोजगार, पारदर्शिता, आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी और स्थायी ग्रामीण विकास को नई दिशा देने की महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे राजस्थान सहित देशभर के गांवों में आधारभूत विकास और आजीविका सशक्तिकरण को व्यापक गति मिलने की उम्मीद है।