सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने जयपुर में अधिकारियों को किया सम्मानित
जयपुर के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में 'सहकार से समृद्धि' अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति-पत्र दिए गए।
तस्वीर में जयपुर के मंच पर बाएं से शासन सचिव डॉ. समित शर्मा, सहकारिता मंत्री श्री गौतम कुमार दक को एक छोटा पौधा भेंट कर उनका स्वागत करते हुए दिख रहे हैं।
सहकारिता मंत्री श्री गौतम कुमार दक ने कहा कि सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि ‘‘एक सबके लिए, सब एक के लिए‘‘ के सिद्धांत पर आधारित जनकल्याण की सशक्त विचारधारा है, जिसके माध्यम से एकता, विश्वास एवं सामूहिक सहभागिता की शक्ति से प्रत्येक चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया जा सकता है तथा समावेशी एवं सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
वे जयपुर स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में सहकार सप्ताह के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर ‘‘सहकार से समृद्धि‘‘ अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार, तकनीकी दक्षता तथा उत्कृष्ट कार्यों के माध्यम से आर्थिक एवं सामाजिक विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सहकारिता विभाग एवं सहकारी संस्थाओं के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
मंत्री श्री गौतम कुमार दक ने कहा कि प्रदेश के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समर्पित कार्यशैली, परिश्रम एवं प्रतिबद्धता के कारण राजस्थान आज ‘‘सहकार से समृद्धि‘‘ कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है।
इस अवसर पर शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता डा. समित शर्मा ने कहा कि सहकारिता हमें मिलकर कार्य करने, साथ आगे बढ़ने तथा सामूहिक प्रयासों से सफलता अर्जित करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास की इस यात्रा में कोई भी पीछे न छूटे। उन्होंने बताया कि ‘‘सहकार से समृद्धि‘‘ अभियान के अंतर्गत 114 से अधिक नवाचारों के माध्यम से प्रदेश में विकास की नई संभावनाओं को साकार किया जा रहा है।
समारोह के दौरान सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें अधिकारियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं तथा टीम भावना, सामूहिक सहयोग एवं उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का संदेश दिया गया।
समारोह में बैंकिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए श्री पी.के. नाग, श्री वी.के. मिश्रा, श्रीमती सुमन मीणा, श्री परेश पंड्या, श्री आशीष गुप्ता, श्री हरीश सिवासिया, श्री मुकेश शर्मा, श्री पी.सी. जाटव, श्री दिनेश कुमार शर्मा, श्री भंवर लाल, श्री महेन्द्र पाल, श्री सुनील वीरभान, श्री रामअवतार शर्मा एवं श्री शांति लाल को सम्मानित किया गया।
इसी प्रकार समर्थन मूल्य खरीद के क्षेत्र में श्री विष्णुदत्त शर्मा, श्री शंकर लाल धाकड़, श्री राजन कुमार भारती एवं श्री अनिरुद्ध देथा को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। उपभोक्ता क्षेत्र में श्री राजेन्द्र सिंह एवं श्री प्रमोद कुमार तथा खण्ड एवं इकाई स्तर पर श्री बलविन्दर सिंह गिल, सुश्री विभा खेतान, श्री रणवीर सिंह परिहार, श्री शिरीष वी. चांदे, श्री शिवचरण विजय एवं श्री सुरेन्द्र सिंह खंगारोत को सम्मानित किया गया।
प्रधान कार्यालय स्तर पर उत्कृष्ट सेवाओं के लिए श्री आर.एस. जोधा, श्री अजय उपाध्याय, श्रीमती कल्पना जोशी, श्रीमती वर्षा मीणा, सुश्री मधु मीणा, श्रीमती किरण सोनी, श्री बृजेन्द्र प्रसाद, श्री गिरवर सिंह, श्री रामरतन चौधरी एवं श्री रामपाल को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सहकारिता विभाग की प्रमुख उपलब्धियों के अंतर्गत अपैक्स बैंक द्वारा पैक्स का कम्प्यूटरीकरण एवं ऋण वसूली में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। दिसम्बर, 2025 तक 2300 पैक्स को ई-पैक्स घोषित किया गया था, जबकि सहकारिता टीम ने मिशन मोड में कार्य करते हुए 30 जून, 2026 तक 5500 पैक्स को सफलतापूर्वक ई-पैक्स घोषित किया। साथ ही ऑन सिस्टम ऑडिट पैक्स की संख्या दिसम्बर, 2025 में 3500 से बढ़कर 30 जून, 2026 तक 5500 हो गई। मार्च-अप्रैल, 2026 में हड़ताल के बावजूद यह उपलब्धि टीम की प्रतिबद्धता का प्रमाण रही।
जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने देर रात तक क्षेत्र में रहकर ऋण वसूली में महत्वपूर्ण सुधार सुनिश्चित किया। गत वर्ष 2.50 लाख किसानों से 865 करोड़ रुपये शेष थे, जबकि इस वर्ष यह घटकर मात्र 63,000 किसानों से 218 करोड़ रुपये रह गया, जो उल्लेखनीय उपलब्धि है।
राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक (RSLDB) की ओटीएस योजना के तहत 30 जून, 2026 तक 361 करोड़ रुपये की वसूली की गई, जिसमें 205 करोड़ रुपये की ऋण राहत शामिल रही। यह 200 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 102.3 प्रतिशत उपलब्धि है, जो अब तक की सर्वाधिक ओटीएस वसूली है। वर्ष 2025-26 में बैंक 41 करोड़ रुपये के लाभ में रहा।
राजफैड द्वारा रबी 2026 सीजन में गेहूं की रिकॉर्ड खरीद की गई। पिछले वर्ष 34 केंद्रों पर 5500 किसानों से 55,300 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था, जबकि इस वर्ष 110 केंद्रों पर 40,300 किसानों से 2,92,500 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई, जिसकी राशि 800 करोड़ रुपये रही, जो 5.50 गुना अधिक है।
‘सहकार से समृद्धि’ अभियान के तहत गोदाम निर्माण एवं विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना में राजस्थान अग्रणी राज्य बना हुआ है। 500 मी. टन क्षमता के 120 गोदाम एवं 100 मी. टन क्षमता के 42 गोदामों से 64,200 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता सृजित की गई है।
जयपुर में 62.53 एकड़ भूमि पर सहकार वन विकसित किया जा रहा है, जिसे अमूल, जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) तथा सहकारिता विभाग के संयुक्त प्रयासों से हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
भारत टैक्सी परियोजना के तहत 28,800 से अधिक वाहन पंजीकृत हो चुके हैं तथा जयपुर में प्रतिदिन 500 से अधिक सफल राइड्स संचालित हो रही हैं, जिससे यह सहकारी मॉडल आधारित किफायती परिवहन सेवा के रूप में आगे बढ़ रही है।