लालगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के मार्ग में बदलाव, जानें रूट और तारीखें
मुरादाबाद-बरेली रेलखंड पर तकनीकी कार्य के कारण रेल सेवा के संचालन में परिवर्तन किया गया है। यात्रा से पहले प्रभावित तारीखों और बदलाव की जानकारी अवश्य देखें।
मुरादाबाद-बरेली रेलखंड पर उत्तर रेलवे द्वारा संचालित किए जा रहे महत्वपूर्ण तकनीकी कार्यों ने रेल यात्रियों की यात्रा योजनाओं में बड़े फेरबदल की स्थिति उत्पन्न कर दी है। इस तकनीकी रखरखाव और सुरक्षा संबंधी कार्यों के लिए लिए गए ट्रैफिक ब्लॉक के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे की प्रमुख लालगढ़-डिब्रूगढ़ रेल सेवा के संचालन मार्ग में परिवर्तन का निर्णय लिया गया है, जो सीधे तौर पर इस मार्ग से यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को प्रभावित करेगा।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह बदलाव आगामी जुलाई माह में होने वाली रेल यात्राओं के लिए लागू रहेगा। गाड़ी संख्या 15910, लालगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस, जो अपने निर्धारित समय पर लालगढ़ से प्रस्थान करेगी, वह अब अपने पारंपरिक मार्ग के स्थान पर मुरादाबाद-चन्दौसी-बरेली कैंट होकर अपने गंतव्य तक पहुंचेगी। यह परिवर्तन मुख्य रूप से तकनीकी सुधारों को सुचारू रूप से पूरा करने के उद्देश्य से किया गया है।
इस रूट डायवर्जन का सीधा असर स्टेशनों के ठहराव पर भी पड़ेगा। परिवर्तित मार्ग से संचालित होने के कारण, उक्त रेल सेवा रामपुर और बरेली स्टेशनों पर नहीं रुकेगी, जिससे इन स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को असुविधा हो सकती है। हालांकि, रेल प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए इस परिवर्तित मार्ग में बरेली कैंट स्टेशन पर रेल सेवा के ठहराव की व्यवस्था सुनिश्चित की है। यह बदलाव 03 जुलाई से 29 जुलाई 2026 के बीच लालगढ़ से प्रस्थान करने वाली कुल 11 तिथियों के लिए प्रभावी रहेगा, जिनमें 03, 05, 07, 10, 12, 14, 16, 19, 21, 23 और 29 जुलाई शामिल हैं।
भारतीय रेलवे का यह निर्णय जहां एक ओर तकनीकी मजबूती और रेल सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर यह यात्रियों के लिए एक आवश्यक सावधानी का संकेत भी है। रेल प्रशासन ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे यात्रा से पूर्व अपने प्रस्थान और आगमन की स्थिति को पुनः जाँचे ताकि किसी भी प्रकार की अनपेक्षित परेशानी से बचा जा सके। सुरक्षित और तकनीकी रूप से उन्नत रेल यात्रा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया यह निर्णय एक अस्थायी लेकिन अनिवार्य सुधार की प्रक्रिया है।