राजस्थान समान नागरिक संहिता: जयपुर में 10 और 11 जुलाई को जनसुनवाई
सेवानिवृत्त आईएएस शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता वाली समिति जयपुर जिला कलेक्टर सभागार में आमजन, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों से यूसीसी पर सुझाव लेगी।
राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान समान नागरिक संहिता 2026 के संबंध में आमजन से सुझाव प्राप्त करने के उद्देश्य से 10 एवं 11 जुलाई 2026 को जयपुर में दो दिवसीय संभाग स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। यह जनसुनवाई जिला कलेक्टर सभागार, जयपुर में संपन्न होगी, जिसमें व्यापक स्तर पर जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
इस जनसुनवाई हेतु गठित राजस्थान समान नागरिकता संहिता 2026 समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त आईएएस शत्रुघ्न सिंह करेंगे। समिति में संभागीय आयुक्त जयपुर समन्वयक के रूप में, गृह विभाग के प्रतिनिधि, जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट जयपुर, उप विधि परामर्शी सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे। इसके अतिरिक्त अतिरिक्त जिला कलक्टर दूदू, उपखण्ड अधिकारी जयपुर प्रथम, सहायक कलक्टर दूदू फास्ट ट्रैक, सहायक कलक्टर चौमू, सहायक कलक्टर चौमू फास्ट ट्रैक, सहायक कलक्टर शाहपुरा फास्ट ट्रैक, सहायक कलक्टर जमवारामगढ़ फास्ट ट्रैक, सहायक कलक्टर आमेर, सहायक कलक्टर आमेर फास्ट ट्रैक, उपनिदेशक महिला अधिकारिता जयपुर तथा जिला कलक्टर द्वारा नामित 10 विज्ञ अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे। साथ ही समस्त तहसीलदार एवं सहयोगी स्टाफ को सहयोगी सदस्य के रूप में जोड़ा गया है।
10 जुलाई को प्रातः 10:00 बजे से 12:30 बजे तक निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, नगर निकायों के अध्यक्षों, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, सामाजिक क्षेत्र में कार्यरत संगठनों, प्रबुद्धजनों तथा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त किए जाएंगे। इसके पश्चात दोपहर 2:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक जयपुर संभाग के जिलों से आए आम नागरिकों के साथ जनसुनवाई आयोजित होगी, जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त आईएएस शत्रुघ्न सिंह करेंगे।
11 जुलाई को प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक जयपुर जिले के शेष नागरिकों के लिए जनसुनवाई राजस्थान समान नागरिकता संहिता 2026 समिति की सदस्य डॉ. शुचि चौहान द्वारा आयोजित की जाएगी।
संभागीय आयुक्त वे. सरवण कुमार ने जिला कलक्टर, जयपुर को जनसुनवाई के सफल आयोजन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित जनप्रतिनिधियों, संस्थाओं एवं अन्य हितधारकों को आमंत्रित कर व्यापक सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। यह आयोजन राज्य में समान नागरिक संहिता के संबंध में जनभावनाओं एवं सुझावों के संकलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।